भारत द्वारा पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ठिकानों पर “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत मिसाइल हमले किए जाने के बाद, पाकिस्तान ने बुधवार को अपने सभी हवाई क्षेत्रों को 48 घंटे के लिए बंद करने की घोषणा की। इस फैसले का सबसे बड़ा असर कराची, लाहौर और इस्लामाबाद हवाईअड्डों पर पड़ा, जहां सैकड़ों घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें या तो रद्द कर दी गईं या फिर डायवर्ट कर दी गईं। कराची के जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भारी भीड़ जमा हो गई है, और कई यात्री 10 घंटे से ज्यादा समय से वहीं फंसे हुए हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान ने अपने कई हवाई मार्गों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था, हालांकि आठ घंटे बाद हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खोल दिया गया।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर:
• दुबई, अबू धाबी, दोहा और इस्तांबुल से आने वाली उड़ानें डायवर्ट कर दी गईं।
• पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस की अधिकतर उड़ानें रद्द कर दी गईं।
• भारत से पाकिस्तान जाने वाली एयर कार्गो सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
हवाई क्षेत्र बंद करने की वजह:
पाकिस्तानी सरकार ने कहा कि भारत के ताज़ा हमलों के बाद बढ़ते सुरक्षा खतरे के मद्देनज़र यह कदम उठाया गया। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पाकिस्तान की वायु रक्षा तैयारियों का हिस्सा है ताकि भारत की ओर से किसी और संभावित हमले का खतरा टाला जा सके।
भारत का “ऑपरेशन सिंदूर”:
भारत ने यह अभियान पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों जैसे जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों को निशाना बनाकर शुरू किया। भारतीय सेना, वायुसेना और विदेश मंत्रालय ने संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया कि ये हमले सिर्फ आतंकियों के ठिकानों पर किए गए, जिससे आम नागरिकों या पाकिस्तानी सेना को नुकसान नहीं पहुंचा। यह ऑपरेशन, पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत की कार्रवाई है।






