भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाए जाने के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। इस ऑपरेशन के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI), ने मौजूदा पाकिस्तानी सरकार को निशाने पर लिया है। पार्टी ने सरकार को कमजोर और दिशाहीन बताते हुए कहा है कि देश को अब इमरान खान जैसे साहसी और दूरदर्शी नेता की सख्त जरूरत है। पीटीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर एक तीखा बयान जारी करते हुए कहा कि अब पाकिस्तान को “जनता की सच्ची प्रतिनिधि सरकार” चाहिए। उन्होंने मौजूदा नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए और कहा कि यह सरकार न तो सुरक्षा नीति तय कर पा रही है और न ही देश को एक दिशा दे पा रही है।
पाकिस्तान को चाहिए दृढ़ नायक
पीटीआई ने जोर देते हुए कहा, “पाकिस्तान को ऐसे नेता की जरूरत है, जिसे समाज के हर वर्ग का समर्थन हासिल हो और जो साहस, दूरदर्शिता और मजबूत निर्णय लेने की क्षमता रखता हो – और वह नेता इमरान खान हैं।”
अंतरराष्ट्रीय दबाव में पाकिस्तान
यह बयान ऐसे समय पर आया है जब भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के अंतर्गत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की है। इस ऑपरेशन के चलते पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ गया है और उसकी सैन्य व राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं।
इमरान खान की वापसी की उठी मांग
इमरान खान की पार्टी ने मौजूदा नेतृत्व को “कमजोर और उलझन में पड़ा हुआ” बताया है। सोशल मीडिया पर #PakistanNeedsImran ट्रेंड करते हुए पार्टी समर्थकों ने इमरान खान की राजनीति में वापसी की जोरदार मांग की है।
पाकिस्तान में नेतृत्व संकट गहराया
गौर करने वाली बात है कि इमरान खान इस समय कानूनी मामलों में फंसे हुए हैं और जेल में हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी लोकप्रियता में कमी नहीं आई है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद उत्पन्न स्थिति ने यह साफ कर दिया है कि पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता और नेतृत्व संकट दिन-ब-दिन गहराता जा रहा है।
क्या था ऑपरेशन सिंदूर?
भारत ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले जिसमें 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे, के जवाब में 6 और 7 मई की रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सैन्य कार्रवाई की। भारत ने इस ऑपरेशन में पीओके और पाकिस्तान में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इन ठिकानों से जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों का संबंध था। भारत ने इन हमलों के लिए एयरस्ट्राइक और ड्रोन हमलों दोनों का इस्तेमाल किया।






