
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज आसिम मुनीर को एक कार्यक्रम में प्रवेश से पहले सुरक्षा कर्मियों द्वारा रोककर पहचान पत्र दिखाने के लिए कहा जाता दिखाई दे रहा है।
बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मुलाकात को लेकर चर्चा में रहे मुनीर की यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। वे इन दिनों जर्मनी दौरे पर हैं, जहां एक कार्यक्रम में शामिल होने से पहले उन्हें सुरक्षा जांच के दौरान रोक लिया गया। वहां मौजूद अधिकारियों ने उनसे पहचान पत्र प्रस्तुत करने को कहा और उसे सामने स्पष्ट रखने की सलाह भी दी।
आईडी जांच का वीडियो वायरल
जानकारी के अनुसार, मुनीर अपनी टीम के साथ म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे थे। इसी दौरान प्रवेश द्वार से कुछ कदम पहले सुरक्षा अधिकारी ने उनसे आईडी दिखाने को कहा। वायरल वीडियो में यह क्षण साफ दिखाई देता है कि कार्यक्रम स्थल में प्रवेश से पहले उन्हें औपचारिक प्रक्रिया से गुजरना पड़ा।
भागीदारी पर उठे विरोध के स्वर
उधर, जर्मनी स्थित सिंधी राजनीतिक संगठन जय सिंध मुत्ताहिदा महाज ने सम्मेलन में मुनीर की मौजूदगी पर कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन ने निमंत्रण को “बेहद खेदजनक” बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस पर ध्यान देने की अपील की। संगठन के सदस्यों ने कार्यक्रम स्थल के बाहर प्रदर्शन भी किया और पाकिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों का मुद्दा उठाया। संगठन के अध्यक्ष शफी बुरफत ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, और जर्मन सरकार समेत अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को संबोधित बयान में वैश्विक मंच पर मुनीर की उपस्थिति पर गहरा अफसोस जताया।
क्या है म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन को वैश्विक संवाद और संघर्ष समाधान के प्रमुख मंचों में गिना जाता है। हर वर्ष इसमें दुनिया भर के नेता, राजनयिक और सुरक्षा विशेषज्ञ शामिल होकर अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं।





