‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पूरे देश में सतर्कता का माहौल बन गया है। भारत-पाक सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए राजस्थान सरकार ने व्यापक सुरक्षा कदम उठाए हैं।
राज्य सरकार ने चिकित्सा विभाग के सभी कर्मचारियों की छुट्टियाँ तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। साथ ही सीमा से लगे छह जिलों जोधपुर, फलोदी, जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और बीकानेर में सभी सरकारी व निजी स्कूल, कॉलेज, आंगनबाड़ी केंद्र और मदरसे बंद कर दिए गए हैं। जोधपुर जिले में कॉलेजों की परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। यह आदेश 8 मई से अगले आदेश तक लागू रहेगा। राज्य सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें। स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से तैयार है और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत और इलाज सुनिश्चित किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर
जनस्वास्थ्य निदेशक डॉ. रविप्रकाश शर्मा ने आदेश जारी कर कहा कि सभी डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की छुट्टियाँ रद्द की जाती हैं। उन्हें बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने और हर समय मोबाइल चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी को अपने कार्यस्थल पर मुस्तैद रहने को कहा गया है।
अस्पतालों में विशेष सतर्कता
पाली जिले में सुरक्षा के तहत सभी सरकारी अस्पतालों की खिड़कियों को काले पर्दों से ढक दिया गया है ताकि रात में रोशनी बाहर न जाए। जिले के 24 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 70 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और अन्य चिकित्सा इकाइयों में यह व्यवस्था लागू की गई है। साथ ही रोटरी क्लब में 15 बेड वाला इमरजेंसी वार्ड भी तैयार किया गया है।
राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क
मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में स्वास्थ्य, शिक्षा, आपूर्ति, पुलिस और प्रशासनिक विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। सीमावर्ती इलाकों में बिना अनुमति किसी भी गतिविधि पर रोक है। सभी जिला कलेक्टरों को आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों को पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।







