भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बी.आर. गवई ने अपने मुंबई दौरे के दौरान हुई प्रोटोकॉल संबंधी चूक को तुच्छ बताते हुए कहा कि इस विषय को अनावश्यक रूप से तूल न दिया जाए और इसे यहीं समाप्त मान लेना उचित होगा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस घटनाक्रम से जुड़े सभी अधिकारियों ने खेद प्रकट कर दिया है। दरअसल, 18 मई को सीजेआई गवई के मुंबई आगमन पर न तो राज्य के मुख्य सचिव, न पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), और न ही मुंबई पुलिस आयुक्त उन्हें रिसीव करने पहुंचे। यह दौरा सीजेआई बनने के बाद उनका महाराष्ट्र का पहला दौरा था।
“यह एक सामान्य विषय है, इसे बेवजह तूल न दें”
बयान में यह भी कहा गया है कि महाराष्ट्र यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल से संबंधित खबरें मीडिया में आ रही हैं, लेकिन सीजेआई का स्पष्ट कहना है कि यह एक सामान्य बात है और इसे शांतिपूर्वक समाप्त किया जाना चाहिए। सीजेआई गवई 52वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेने के बाद महाराष्ट्र और गोवा बार काउंसिल द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में भाग लेने मुंबई पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने चैत्यभूमि जाकर डॉ. बी.आर. आंबेडकर को श्रद्धांजलि भी अर्पित की, जहां बाद में मुख्य सचिव, डीजीपी और मुंबई पुलिस आयुक्त उपस्थित हुए।






