उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की अदालत ने हेट स्पीच (घृणा भाषण) के एक मामले में शनिवार को अब्बास अंसारी को दो साल की कैद और 3 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। यह फैसला विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए भड़काऊ भाषण और चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में सुनाया गया। सजा सुनाए जाने के समय अब्बास अंसारी सुबह करीब 10:30 बजे मऊ कोर्ट में मौजूद थे। कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इस सजा के चलते अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता पर भी संकट आ सकता है।
सीजेएम डॉ. केपी सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 31 मई को फैसला सुनाने की तारीख तय की थी। अदालत ने उन्हें दोषी मानते हुए सजा सुनाई। इस केस में उनके साथी मंसूर अंसारी को भी दोषी ठहराया गया और उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी के तहत छह महीने की सजा और 1 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।
क्या है मामला
यह केस मऊ जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 3 मार्च 2022 को विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सुभासपा के प्रत्याशी के रूप में अब्बास अंसारी ने एक जनसभा में भड़काऊ बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि चुनाव के बाद मऊ प्रशासन से “हिसाब-किताब” किया जाएगा और उन्हें “सबक सिखाया जाएगा”। इस बयान को नफरत फैलाने वाला और धमकी भरा माना गया।
अब्बास अंसारी पर लगे आरोप:
• भादवि की धारा 120बी – आपराधिक षड्यंत्र
• धारा 153ए – समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाना
• धारा 189 – लोक सेवक को नुकसान पहुंचाने की धमकी
• धारा 171एफ – चुनाव में अनुचित प्रभाव डालना
• धारा 506 – आपराधिक धमकी देना





