दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, महामारी अब भी जारी, केंद्र से कोविड-19 तैयारियों पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट

दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह कोविड-19 से संबंधित नमूना संग्रह और परिवहन नीति पर स्पष्ट दिशा-निर्देश पेश करे। अदालत ने यह भी कहा कि महामारी समाप्त नहीं हुई है और इससे निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। अगली सुनवाई की तारीख 18 जुलाई 2025 निर्धारित की गई है।

कोविड-19 को लेकर कोर्ट की सख्ती
न्यायमूर्ति गिरीश कथपालिया की पीठ ने केंद्र से पूछा कि अब तक महामारी से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने 30 मई 2023 को हुई बैठक के बाद ठोस प्रगति न होने पर चिंता जताई। न्यायालय ने दोहराया कि कोविड-19 अभी भी खतरे के रूप में मौजूद है और इसे गंभीरता से लेना अनिवार्य है।

अवमानना याचिका पर सुनवाई जारी
यह सुनवाई डॉ. रोहित जैन द्वारा दायर अवमानना याचिका के तहत हो रही है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि केंद्र ने 27 जनवरी 2023 के आदेश का पालन नहीं किया। उस आदेश में केंद्र को निर्देश दिए गए थे कि वह नमूना संग्रह और परिवहन नीति के लिए न्यूनतम मानक बनाए। याचिकाकर्ता का कहना है कि अभी तक कोई ठोस दिशानिर्देश जारी नहीं किए गए हैं।

12 सप्ताह में फैसला लेने का निर्देश
अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए केंद्र को निर्देश दिया कि वह याचिका को एक अभिवेदन के रूप में माने और 12 सप्ताह के भीतर तर्कसंगत निर्णय ले। साथ ही, अदालत ने केंद्र की स्थायी वकील मोनिका अरोड़ा को यह सुनिश्चित करने को कहा कि संबंधित अधिकारी अदालत के निर्देशों से अवगत हों और 6 सप्ताह में स्थिति रिपोर्ट दाखिल की जाए।

बैठक और समितियों का गठन
30 मई 2023 को स्वास्थ्य सेवाओं के अतिरिक्त महानिदेशक की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसमें याचिकाकर्ता को भी आमंत्रित किया गया था। बैठक में चार विशेषज्ञ उप-समितियों (पैथोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, हेमेटोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी) के गठन का निर्णय लिया गया था, जिन्हें मानक संचालन प्रक्रियाएं और भंडारण नीति तैयार करनी थी। हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रथम दृष्टया उप-समितियों के गठन को देखते हुए अवमानना की याचिका को आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा, परंतु बैठक के निर्णयों पर केंद्र द्वारा कोई प्रगति रिपोर्ट न देना चिंता का विषय है।

18 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई 2025 को तय की है और निर्देश दिया है कि तब तक केंद्र मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOPs) लागू करे और ताजा स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करे।

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