कोविड-19: थाईलैंड में कोरोना के ढाई लाख से ज्यादा मामले, भारत वाला वैरिएंट भी सक्रिय; डब्ल्यूएचओ ने दी चेतावनी

दुनिया के कई देशों में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। भारत में भी संक्रमण की रफ्तार काफी तेज हो चुकी है। 3 जून (मंगलवार) तक देश में सक्रिय मामलों की संख्या 4000 के पार पहुंच गई है। वहीं, थाईलैंड में इस साल अब तक ढाई लाख से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। अगर आपको कुछ समय पहले तक लग रहा था कि कोरोना अब खत्म हो गया है, तो हाल की रिपोर्ट्स ने इस भ्रम को तोड़ दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ पहले से ही इस बात की चेतावनी देते आ रहे हैं कि कोरोना वायरस पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, बल्कि यह समय-समय पर म्यूटेशन के ज़रिए फिर से सक्रिय हो जाता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है।

थाईलैंड में तेजी से फैल रहा है भारत वाला वैरिएंट NB.1.8.1
थाईलैंड में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट NB.1.8.1 के कारण संक्रमण के मामलों में तेज़ी देखी जा रही है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 30 मई तक देश में 41,283 नए मामले सामने आए, जिससे कुल मामलों की संख्या बढ़कर 2.57 लाख हो गई है। अब तक यहां 52 लोगों की जान जा चुकी है। बैंकॉक और आसपास के क्षेत्रों में संक्रमण की दर सबसे ज्यादा है, खासकर कामकाजी लोग, छात्र, बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में आ रहे हैं। 31 मई को जारी एक बयान में थाई स्वास्थ्य अधिकारियों ने जनता से सतर्क रहने और आवश्यक एहतियाती उपाय अपनाने की अपील की है, क्योंकि यह वैरिएंट देश के विभिन्न हिस्सों में तेज़ी से फैल रहा है।

डब्ल्यूएचओ की चेतावनी: स्थिति गंभीर
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता जताई है। संगठन के अनुसार, फरवरी के मध्य से कोरोना मामलों की संख्या में तेज़ वृद्धि देखी गई है और अब पॉजिटिविटी रेट 11% तक पहुंच चुका है, जो जुलाई 2024 के बाद सबसे ज्यादा है। दुनिया के 73 देशों में स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक मानी जा रही है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वी भूमध्यसागर क्षेत्रों में कोरोना मामलों में विशेष वृद्धि देखी जा रही है। हालांकि अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका में संक्रमण की दर अपेक्षाकृत कम है, लेकिन इन क्षेत्रों में भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।

अमेरिका में मौतों का आंकड़ा बढ़ा, डर का माहौल
हालांकि अमेरिका में संक्रमण की दर अपेक्षाकृत कम है, लेकिन वहां मौतों की संख्या ने चिंता बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका में हर सप्ताह 300 से अधिक लोगों की कोरोना से मौत हो रही है। अमेरिका में भी वही वैरिएंट सक्रिय है जो भारत और थाईलैंड में फैला हुआ है। वैक्सीनोलॉजिस्ट डॉ. ग्रेगरी पोलैंड ने मौतों की मुख्य वजह वैक्सीनेशन न कराना या अपडेटेड वैक्सीन न लेना बताया है।

भारत में स्थिति कैसी है?
भारत में भी ओमिक्रॉन वैरिएंट NB.1.8.1 सक्रिय है। यहां पिछले 10 दिनों में संक्रमण की रफ्तार में 10 गुना तक की वृद्धि देखी गई है। 22 मई को जहां कुल एक्टिव केस 257 थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 4026 हो गई है। सबसे अधिक मामले केरल (1416), महाराष्ट्र (494) और गुजरात (397) में हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि भारत में रिकवरी रेट अभी भी अच्छा है। 1 जनवरी से अब तक करीब 2700 लोग संक्रमित होने के बाद ठीक हो चुके हैं और सिर्फ पिछले 24 घंटे में ही 512 लोगों ने संक्रमण से उबर लिया है।

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