बांग्लादेश सचिवालय में कर्मचारियों ने अंतरिम प्रधानमंत्री मुहम्मद यूनुस की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनकी मुख्य मांग है कि विवादित ‘सरकारी सेवा (संशोधन) अध्यादेश, 2025’ को, जिसे वे ‘काला कानून’ कह रहे हैं, तत्काल वापस लिया जाए।
गुरुवार को सैकड़ों अधिकारी और कर्मचारी इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह अध्यादेश न सिर्फ उनके अधिकारों के खिलाफ है, बल्कि उनकी नौकरी की सुरक्षा पर भी खतरा बन गया है। बांग्लादेश सचिवालय अधिकारी-कर्मी एकता मंच के नेता नुरुल इस्लाम ने कहा, “हम इस काले कानून को तुरंत रद्द करने की मांग करते हैं। इसके साथ ही हमारी मांग है कि 50 प्रतिशत महंगाई भत्ता लागू किया जाए और तानाशाही मानसिकता वाले अधिकारियों को हटाया जाए।” उन्होंने कहा, “हम शांतिपूर्ण कर्मचारी हैं, लेकिन हमें उकसाया जा रहा है।”
आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
यह प्रदर्शन 16 जून से चल रहे आंदोलन का हिस्सा है, जो लगातार जारी है। कर्मचारियों ने सरकार को चेताया है कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो विरोध और सख्त रूप ले सकता है। इसी को देखते हुए सचिवालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को भी कड़ा कर दिया गया है।





