अहमदाबाद: गुजरात में सोमवार से प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो चुकी है और वर्तमान में नए प्रवेश की प्रक्रिया जारी है। ऐसे में यह निर्णय लिया गया है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 से स्कूलों में प्रवेश लेने वाले छात्रों के नाम के बाद सरनेम लिखा जाएगा, न कि नाम से पहले जैसा कि अब तक होता आया है। इस बदलाव के पीछे यह तर्क है कि स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, आधार कार्ड और अपार आईडी जैसे दस्तावेजों में बच्चों के नाम की एकरूपता बनी रहे। इससे पहले, प्रमाणपत्र में पहले सरनेम, फिर नाम और उसके बाद पिता का नाम लिखा जाता था। अब नए प्रारूप में पहले नाम, फिर पिता/माता का नाम और अंत में सरनेम लिखा जाएगा। इसको लेकर समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) के राज्य परियोजना निदेशक जे. रंजीथकुमार ने स्कूल आयुक्त को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि स्कूलों के जनरल रजिस्टर, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एलसी), आधार और अपार आईडी में बच्चों का नाम एक जैसा होना चाहिए।
जून 2025 से लागू होगा नया नियम
निर्णय के अनुसार, जून 2025 से जब भी किसी छात्र को नया प्रवेश दिया जाएगा या एलसी जारी की जाएगी, तब जनरल रजिस्टर में छात्र का नाम इस नए प्रारूप में लिखा जाएगा। सभी संबंधित दस्तावेजों में नाम की समानता बनाए रखने के लिए स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं। स्कूल आयुक्त कार्यालय को इस दिशा में उचित कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।






