लंदन के लिए उड़ान भरते समय किसी ने नहीं सोचा था कि यह सफर उनकी ज़िंदगी का आखिरी होगा। विमान हादसे के बाद चारों ओर चीख-पुकार मच गई थी। आसमान में धुएं के गुबार और जमीन पर बिखरे शवों के बीच राहतकर्मियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी, शवों के जले हुए अवशेषों को एकत्र करना। आग के गोले की तरह गिरा यह विमान कई परिवारों की खुशियां और सपनों को लील गया। हर कोई इस हादसे से स्तब्ध है।
अस्पताल लाए गए शवों और घायलों की स्थिति देखकर लोगों का दिल दहल गया। शरीर इतनी बुरी तरह झुलस चुके थे कि पहचान कर पाना बेहद मुश्किल था। कुछ यात्रियों की सीट बेल्ट तक जलकर उनकी त्वचा से चिपक गई थी। भयावहता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि कई शव सड़कों पर इधर-उधर बिखरे पड़े थे और अधिकतर बुरी तरह से जले हुए थे।
गंभीर रूप से झुलसे मरीजों की हालत नाजुक
किडनी रोग एवं अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. प्रांजल मोदी ने बताया कि अस्पताल लाए गए कई लोग गंभीर रूप से झुलसे हुए हैं और होश में नहीं हैं। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वे विमान के यात्री थे या हादसे के वक्त मौके पर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता गंभीर रूप से घायल लोगों की जान बचाना है।
जिन्हें विदा किया, उन्हीं की सलामती की कर रहे दुआ
विमान में ऐसे कई यात्री थे जो आणंद और आसपास के जिलों से थे। उनके परिजन उन्हें एयरपोर्ट तक छोड़ने आए थे और विदा करते समय उनकी सलामती की दुआ कर रहे थे। लेकिन किस्मत ने ऐसा मोड़ लिया कि अब वही लोग अस्पतालों के बाहर अपनों की खबर लेने के लिए भटक रहे हैं। अहमदाबाद की उद्यमी तृप्ति सोनी के भाई स्वप्निल सोनी, उनकी पत्नी योगा और भाभी अल्पा भी इस उड़ान में थे। स्वप्निल लंदन में अपने भाई से मिलने जा रहे थे।
एंबुलेंस कम पड़ीं, शव ठेले और कंधों पर लादकर अस्पताल पहुंचाए गए
हादसे की खबर मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने एंबुलेंस भेजी, लेकिन संख्या कम पड़ गई। मजबूरी में शवों को ठेले, स्ट्रेचर और यहां तक कि कंधों पर लादकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा। हादसे के बाद हर ओर चीख-पुकार मची रही। शुरुआत में घटना की गंभीरता का अनुमान नहीं था, इसीलिए पहले अहमदाबाद से कुछ एंबुलेंस भेजी गईं, लेकिन जब वे नाकाफी साबित हुईं, तब वडोदरा से भी करीब 50 एंबुलेंस मंगवाई गईं। अस्पताल में स्ट्रेचर भी कम पड़ गए, जिसके चलते कई शव हाथ ठेलों पर लाए गए।
धमाके से क्षत-विक्षत हो गए थे शव
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाका इतना जबरदस्त था कि घटनास्थल से 100–200 मीटर दूर तक शव बिखरे पड़े थे। अधिकतर शव पूरी तरह जल चुके थे और बुरी तरह क्षत-विक्षत थे। कुछ लोग तो सड़क पर पड़ी एक महिला के कटे सिर का वीडियो बनाते भी दिखे। किसी का हाथ मिला, किसी का पैर। कुछ शवों के सिर्फ छोटे-छोटे अवशेष ही मिले जिन्हें एकत्र कर स्ट्रेचर पर रखा गया। अधिकारियों के अनुसार, जिन शवों की हालत थोड़ी बेहतर है वे संभवतः छात्रावास के हैं। विमान के यात्रियों के शव इस कदर जल चुके हैं कि उनके पूरे शरीर के अंग तक नहीं मिल पाए हैं।






