एयर इंडिया विमान हादसे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “यह हादसा बेहद दुखद है और पूरे देश को स्तब्ध कर देने वाला है। दुर्घटना के समय विमान में मौजूद अत्यधिक ईंधन के कारण तापमान इतना बढ़ गया कि किसी को भी बचाया नहीं जा सका।”
घटनास्थल और अस्पताल का दौरा
अमित शाह ने दुर्घटनास्थल का जायज़ा लेने के बाद अस्पताल जाकर घायल यात्रियों से मुलाकात की, साथ ही हादसे में बचे एकमात्र व्यक्ति से भी भेंट की। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू, गुजरात के मुख्यमंत्री और उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत-बचाव की कार्यवाही की समीक्षा की।
“पूरा देश पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है”
गृह मंत्री ने बताया, “एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 दोपहर को दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें कई लोगों के हताहत होने की आशंका है। यह घटना पूरे देश के लिए गहरा आघात है। भारत सरकार, प्रधानमंत्री और गुजरात सरकार की ओर से मैं सभी पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। हादसे की जानकारी 10 मिनट के भीतर केंद्र सरकार को प्राप्त हो गई थी और तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिया गया।”
डीएनए परीक्षण के बाद जारी होगा मृतकों का आंकड़ा
उन्होंने आगे बताया कि विमान में कुल 230 यात्री और 12 क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें से एक यात्री के सुरक्षित होने की सूचना मिली है। मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि डीएनए जांच और यात्रियों की पहचान के बाद ही की जाएगी। गुजरात सरकार ने आपदा प्रबंधन टीमों को तुरंत सक्रिय कर राहत कार्य शुरू कर दिया था।
विमान में था भारी मात्रा में ईंधन
अमित शाह ने कहा, “हादसे के समय विमान में लगभग सवा लाख लीटर ईंधन था, जिससे अत्यधिक तापमान उत्पन्न हुआ और किसी को बचाने की संभावना नहीं रही। शवों को निकालने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। जिन यात्रियों के परिजन पहुंच चुके हैं, उनके डीएनए नमूने लेने का कार्य 2-3 घंटे में पूरा हो जाएगा। विदेश में मौजूद परिजनों को सूचित कर दिया गया है।” अंत में उन्होंने कहा कि यह हादसा देश के लिए अत्यंत दुखद क्षण है। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर हर संभव सहायता प्रदान कर रही हैं, और नागरिक उड्डयन मंत्री ने जांच कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।






