विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पूरे देश में पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (PSP) 2.0 की शुरुआत की और इसे एक बड़ी प्रगति करार दिया। उन्होंने पासपोर्ट विभाग से जुड़े सभी कर्मचारियों और सहयोगियों को उनके समर्पण और कार्यकुशलता के लिए बधाई दी।
13वें पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर मंगलवार को उन्होंने भारत और विदेशों में कार्यरत सभी पासपोर्ट अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि ई-पासपोर्ट की शुरुआत और पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम के अगले चरण की घोषणा एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा, “सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के मूलमंत्र पर आधारित आपके प्रयासों ने नागरिकों की यात्रा को सहज बनाया है, वैश्विक अवसरों की पहुंच बढ़ाई है और आम लोगों को सशक्त किया है। विदेश मंत्रालय PSP 2.0 और ई-पासपोर्ट जैसी पहलों के माध्यम से समयबद्ध, पारदर्शी और सुलभ पासपोर्ट सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।” सोशल प्लेटफार्म ‘X’ (एक्स) पर पोस्ट करते हुए जयशंकर ने कहा कि पासपोर्ट सेवा में हुए सुधार “सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण” जैसे शासन के तीन प्रमुख स्तंभों को दर्शाते हैं, जो भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।
एक दशक में सेवा में बड़ा बदलाव
विदेश मंत्री ने बताया कि 2014 में जहाँ 91 लाख पासपोर्ट जारी हुए थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 1.46 करोड़ हो गई है। उन्होंने बताया कि PSP V2.0 को देशभर में लागू कर दिया गया है, जिसमें दक्षता और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। उन्होंने कहा, “भारत सरकार की नागरिक-केन्द्रित सेवा की प्रतिबद्धता के अनुरूप PSP V2.0 अब देशभर में लागू हो चुका है। विदेशों में भी इसका पायलट परीक्षण जारी है और इसे चरणबद्ध तरीके से सभी दूतावासों व वाणिज्य दूतावासों में लागू किया जाएगा।”
ई-पासपोर्ट: एक बड़ी उपलब्धि
जयशंकर ने कहा कि ई-पासपोर्ट, जो संपर्क रहित चिप तकनीक पर आधारित है, यात्रा को सुगम बनाता है और इमिग्रेशन प्रक्रिया को तेज करता है। इसके साथ ही उन्होंने mPassport Police App का जिक्र किया, जिसकी मदद से 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पुलिस सत्यापन का समय 5-7 दिनों तक घट गया है।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि मोबाइल वैन के ज़रिए दूरस्थ क्षेत्रों में भी पासपोर्ट सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं, जिससे वहां के नागरिकों को अब सुविधाएं आसानी से मिल रही हैं।






