उत्तर प्रदेश के संभल जिले के चंदौसी इलाके में स्थित शाही जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए सर्वेक्षण के आदेश को सही ठहराया है।
संभल: शाही जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर विवाद में हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका को खारिज कर दिया है। इसके बाद अब विवादित स्थल का दोबारा सर्वेक्षण कराए जाने का रास्ता साफ हो गया है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 21 जुलाई 2025 तय की है। गौरतलब है कि यह विवाद तब ज्यादा चर्चा में आया था जब कोर्ट के आदेश पर कराए जा रहे सर्वे के दौरान इलाके में भारी भीड़ जुट गई थी और हिंसा भड़क उठी थी। उस हिंसक घटना में चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 29 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक 96 आरोपियों को जेल भेज दिया है।
22 लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज
साथ ही 2,750 अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने करीब 1,100 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट कोर्ट में पेश की है। इस चार्जशीट में 22 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क को मुख्य आरोपी के रूप में नामित किया गया है, जबकि सुहैल इकबाल को चार्जशीट में शामिल नहीं किया गया है।
विवाद की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस लगातार चौकसी बरत रहे हैं। शाही जामा मस्जिद को लेकर कोर्ट के आगामी आदेश के तहत सर्वेक्षण की तैयारियां की जा रही हैं, ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से पूरी हो सके। यह विवाद धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील है, इसी वजह से जिला प्रशासन कोई भी ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। इस मामले में कोर्ट की अगली सुनवाई और सर्वे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।






