सीरिया के दक्षिणी स्वैदा प्रांत में सुरक्षा बलों और ड्रूज धार्मिक अल्पसंख्यक के मिलिशिया के बीच हुआ संघर्षविराम टूट गया है, जिससे क्षेत्र में हालात फिर से बिगड़ गए हैं। इसी बीच, इस्राइली सेना ने बुधवार को सीरिया की राजधानी दमिश्क में स्थित सेना के मुख्यालय को निशाना बनाकर हमला किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला दमिश्क स्थित रक्षा मंत्रालय के नजदीक किया गया, जब ड्रूज मिलिशिया और सीरियाई बलों के बीच झड़पें जारी थीं। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हमले में सीरियाई सैन्य मुख्यालय को भारी क्षति पहुंची है।
इस्राइल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने दमिश्क क्षेत्र में सीरियाई शासन के सैन्य मुख्यालय के प्रवेश द्वार पर हमला किया है और वर्तमान स्थिति पर सतर्क निगरानी रखी जा रही है। आईडीएफ ने स्पष्ट किया कि यह हमला राजनीतिक नेतृत्व के निर्देशानुसार किया गया है और वे दक्षिणी सीरिया में ड्रूज नागरिकों के खिलाफ हो रही घटनाओं पर नजर बनाए हुए हैं।
स्वैदा प्रांत में फिर से हिंसक टकराव होने के बाद संघर्षविराम टूट गया। सीरिया के रक्षा मंत्रालय ने ड्रूज मिलिशिया पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है। मंत्रालय ने बताया कि स्वैदा शहर में फायरिंग के स्रोतों को नियंत्रित करने के लिए सैन्य कार्रवाई जारी है, और नागरिकों की सुरक्षा, नुकसान की रोकथाम तथा विस्थापित लोगों की वापसी सुनिश्चित की जा रही है। बुधवार को सरकारी बलों और ड्रूज समुदाय के सदस्यों के बीच भीषण झड़प हुई, जिनमें गैर-न्यायिक हत्याओं, लूटपाट और नागरिक घरों में आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। इन झड़पों में कम से कम 30 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। वहीं, ब्रिटेन स्थित ‘सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स’ के अनुसार बुधवार सुबह तक मरने वालों की संख्या 250 के पार पहुंच गई थी, जिनमें चार बच्चे, पांच महिलाएं और 138 सैनिक व सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।
इस्राइल में ड्रूज समुदाय को माना जाता है वफादार
इस्राइल में ड्रूज समुदाय को एक वफादार अल्पसंख्यक के रूप में देखा जाता है और वे इस्राइली सेना में भी अपनी सेवा देते हैं। सीरिया के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे सीरिया की संप्रभुता का सम्मान करें और किसी भी विद्रोही या अलगाववादी गतिविधि को समर्थन न दें। साथ ही सीरियाई नागरिकों से भी हिंसा छोड़ने, हथियार डालने और देशविरोधी तत्वों को असफल करने का आग्रह किया है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति असद के शासन में गिरावट के बाद से इस्राइल ने सीरिया के प्रति आक्रामक नीति अपनाई है। इस्राइली सेना ने स्पष्ट किया है कि वह अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में इस्लामी आतंकवादियों की उपस्थिति बर्दाश्त नहीं करेगी। इस्राइल ने गोलान हाइट्स सीमा क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र के गश्ती बफर जोन पर कब्जा जमा लिया है और अब तक सीरिया में सैकड़ों सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले कर चुका है।






