
• छह साल पूर्व शुरू हुए इस अभियान के द्वारा अब तक 18 लाख से अधिक बच्चों को जागरूक किया जा चुका है।
• स्पर्श अभियान के प्रणेता वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नवीन जैन ने अभियान के छह साल पूरे होने पर इसे अपनी टीम के साथ अनूठे तरीके से किया ‘सेलिब्रेट’
• टीम के द्वारा एक दिन पूर्व ही ब्यावर ज़िले के बिजयनगर में एक साथ क़रीबन 12 हजार बच्चों को गुड टच बैड टच और गुड पैरेंटिंग के माध्यम से किया गया था जागरूक।
आज से छह साल पूर्व यानि 24 अगस्त 2019 से शुरू हुए इस अभियान के छह साल पूरे होने के पूर्व दिवस पर स्पर्श अभियान के प्रणेता वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नवीन जैन ने अपनी टीम के साथ इसे एक अनूठे तरीके से ‘सेलिब्रेट’ किया। ब्यावर ज़िले के बिजयनगर में नगर पालिका और एक संस्था के सहयोग से आयोजित किये गये आज के इस कार्यक्रम में नवीन जैन ने क़रीबन 12 हजार बच्चों को गुड टच बैड टच और गुड पैरेंटिंग के माध्यम से जागरूक किया। श्री जैन ने अपने ऊर्जावान एवं सशक्त अंदाज में कई विद्यालयों के उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्रबंध समिति के सदस्यों एवं समाज के कई गणमान्य नागरिकों को वैश्वीकरण के इस वातावरण में बच्चों को सचेत रखने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए, जिससे कि बच्चे अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक हो सकें और संभावित खतरों से बच सकें।
आईएएस नवीन जैन ने स्पर्श अभियान की अपनी पिछले छह वर्ष की यात्रा को साझा करते हुए बताया कि उनके शिक्षा विभाग में शासन सचिव रहने के दौरान “सुरक्षित स्कूल सुरक्षित राजस्थान” के तहत इस अभियान ने 26 अगस्त 2023 को एक ही दिन में प्रदेश के 65000 स्कूलों में 63 लाख से अधिक बच्चों, अध्यापकों, अभिभावकों सहित अन्य कई गणमान्य नागरिकों को अच्छे तथा बुरे स्पर्श की पहचान बताकर एक विश्व रिकार्ड भी बनाया है।
आपको बता दें कि आईएएस नवीन जैन पिछले छह साल से लगातार अपना हर शनिवार बच्चों को असुरक्षित स्पर्श से बचाने की मुहिम में लगे हुए हैं। वह तथा उनकी टीम बड़े ही उत्साह के साथ समय निकालकर समाज के लिए अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए देश के कई राज्यों में हर छोटे-बड़े सरकारी और निजी स्कूलों में जाकर बच्चों को सुरक्षित बचपन का संदेश दे रही है। छोटे बच्चों के साथ यौन दुराचार की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होनें कहा कि स्पर्श अभियान ऐसी घटनाओं की रोकथाम में मददगार साबित होगा। वॉलिंटियर्स के सहयोग से चलाया जा रहा यह अभियान ‘चाइल्ड अब्यूज’ की घटनाओं पर लगाम कसने के लिए राजस्थान सहित देश के अन्य राज्यों (दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, मणिपुर, महाराष्ट्र) में भी अपनी पहुंच बना चुका है।
पिछले छह वर्षों से बिना किसी कार्यालय, एवं आर्थिक सहायता के स्वयं के स्तर पर चलाये जा रहे इस अभियान में उनकी टीम न तो किसी से कोई पैसे की डिमांड करती है, और न ही किसी भी प्रचार की उम्मीद रखती है। उनकी यह टीम बस बच्चों को असुरक्षित स्पर्श से से बचाना चाहती है। यह टीम एक ऐसा समाज चाहती है, जहाँ किसी भी मासूम को कोई गलत नियत से न छू सके।
नवीन जैन आईएएस शासन सचिव (वित्त) राजस्थान सरकार






