
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन अपने विदेशी दौरों के लिए प्रायः अपनी विशेष रेलगाड़ी का ही उपयोग करते हैं। यह ट्रेन अपनी भव्यता और सुरक्षा सुविधाओं के लिए जानी जाती है। जैसे ही किम विदेश यात्रा पर निकलते हैं, उनकी इस खास ट्रेन की चर्चा मीडिया में होने लगती है।
किम जोंग उन चीन पहुँचे, जहाँ वे बुधवार को आयोजित सैन्य परेड में अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे अपनी पारंपरिक हरे रंग और पीली पट्टी वाली बुलेटप्रूफ ट्रेन से चीन पहुँचे, जो एक बार फिर लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। माना जाता है कि यह ट्रेन न केवल गोलियों बल्कि बम और मिसाइलों से भी सुरक्षित है।
यह ट्रेन उत्तर कोरिया के शासकों के लिए पीढ़ियों से विदेश दौरों का प्रमुख साधन रही है। किम जोंग उन कभी-कभार हवाई यात्रा करते हैं, लेकिन उनके पिता और पूर्व शासक किम जोंग इल ने हमेशा इसी ट्रेन से सफर किया था। रिपोर्टों के अनुसार, इस ट्रेन में लग्जरी सुविधाओं के साथ-साथ आधुनिक सुरक्षा इंतज़ाम हैं, इसलिए इसे “चलता-फिरता राजमहल” कहा जाता है। लगभग 60 किमी/घंटा की रफ्तार वाली इस ट्रेन में कॉन्फ्रेंस रूम, ऑडियंस हॉल, आरामगाह, सैटेलाइट फोन, रसोई और रेस्तरां जैसी सुविधाएँ मौजूद हैं।
साल 2023 में जब किम जोंग उन रूस गए थे, तब भी वे इसी ट्रेन से पहुँचे थे। उस समय जारी तस्वीरों में इसके शानदार इंटीरियर, फर्नीचर और आधुनिक सुविधाओं की झलक देखने को मिली थी। बताया जाता है कि इस ट्रेन में 10–15 डिब्बे होते हैं, जिनमें से कुछ केवल किम जोंग उन के लिए आरक्षित रहते हैं। साथ ही, इसमें उनकी दो बख्तरबंद मर्सिडीज गाड़ियाँ भी हमेशा मौजूद रहती हैं।
जहाँ-जहाँ यह ट्रेन जाती है, वहाँ के हिसाब से तकनीकी बदलाव किए जाते हैं। जैसे रूस यात्रा के दौरान ट्रेन के पहियों को बदला गया था, क्योंकि वहाँ की पटरियाँ चौड़ी हैं। वहीं चीन में पटरियों में बदलाव की आवश्यकता नहीं पड़ती, लेकिन इंजन बदलकर चीनी इंजन लगाए जाते हैं।





