प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्राज़ील के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित

ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने उन्हें भारत-ब्राज़ील संबंधों को सुदृढ़ करने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोनों देशों के सहयोग को बढ़ावा देने में उनके अहम योगदान के लिए दिया यह सम्मान

हाल ही में पाँच देशों की यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को त्रिनिदाद और टोबैगो के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो’ से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा घाना ने भी उन्हें ‘ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ सम्मान प्रदान किया था।
मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी को ब्राज़ील का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस प्रदान किया गया। यह सम्मान ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने उन्हें भारत-ब्राज़ील संबंधों को सुदृढ़ करने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोनों देशों के सहयोग को बढ़ावा देने में उनके अहम योगदान के लिए दिया। प्रधानमंत्री बनने के बाद से विदेशी सरकारों की ओर से यह उनका 26वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।

‘140 करोड़ भारतीयों का गर्व’
सम्मान मिलने पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मैं अपने मित्र राष्ट्रपति लूला का रियो और ब्रासीलिया में आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त करता हूं। यह सम्मान केवल मेरे लिए नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व का विषय है। राष्ट्रपति लूला भारत-ब्राज़ील रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख सूत्रधार हैं। मैं यह सम्मान हमारी मित्रता और भारत के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को समर्पित करता हूं।”

20 अरब डॉलर का लक्ष्य कठिन नहीं
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले पाँच वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार को 20 अरब डॉलर तक ले जाने का निर्णय लिया गया है। “फुटबॉल ब्राज़ील की आत्मा है और क्रिकेट भारत का जुनून। गेंद चाहे बाउंड्री पार जाए या गोल पोस्ट में, 20 अरब डॉलर की साझेदारी कोई मुश्किल काम नहीं है।”

रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर जोर
उन्होंने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों देशों का सहयोग लगातार प्रगाढ़ हो रहा है। पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा दोनों की प्राथमिकता है। इस दिशा में आज हुए समझौते से हरित लक्ष्यों को और रफ्तार मिलेगी। उन्होंने COP30 सम्मेलन की मेजबानी के लिए राष्ट्रपति लूला को शुभकामनाएं भी दीं। प्रधानमंत्री ने कहा, “रक्षा सहयोग में बढ़ोतरी इस आपसी विश्वास का प्रतीक है। हम अपने रक्षा उद्योगों को एक साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रयास जारी रखेंगे।”

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