जयपुर। 11 सितंबर से जयपुर रेलवे स्टेशन पर नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। अब यात्री सीधे प्लेटफ़ॉर्म पर प्रवेश नहीं कर पाएंगे। ट्रेन आने से पहले उन्हें स्टेशन पर बने होल्डिंग एरिया में इंतजार करना होगा।
त्योहारों के समय घर लौटने की जल्दी, प्लेटफ़ॉर्म पर उमड़ती भीड़ और भगदड़ का खतरा हर साल जयपुर जंक्शन पर आम दृश्य बन जाता है। दिवाली, छठ, नवरात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान इसी अफरा-तफरी को रोकने के लिए रेलवे ने इस बार नया क्राउड मैनेजमेंट प्लान बनाया है। नई व्यवस्था के अनुसार, यात्री तभी प्लेटफ़ॉर्म तक पहुंच पाएंगे जब उनकी ट्रेन आने ही वाली होगी। उससे पहले सभी को होल्डिंग एरिया में ही रुकना होगा। यह नियम 11 सितंबर से लागू होगा।
सबसे बड़ी चुनौती
राजस्थान का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन जयपुर जंक्शन से रोज़ाना सवा लाख से अधिक यात्रियों की आवाजाही होती है। त्योहारों और मेलों में यह संख्या डेढ़ से दो लाख तक पहुंच जाती है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मुख्य प्रवेश द्वार के पास एक बड़ा होल्डिंग एरिया बनाया गया है, जिसमें एक समय में 1500 से ज्यादा लोग बैठ सकते हैं। ट्रेन का समय नजदीक आते ही यात्रियों को बैचों में प्लेटफ़ॉर्म पर भेजा जाएगा।
त्योहारों में सिर्फ मुख्य गेट से प्रवेश
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि त्योहारों के दौरान स्टेशन में एंट्री केवल मुख्य गेट से ही होगी। वहीं, पूरे परिसर की निगरानी के लिए एक विशेष वॉर रूम तैयार किया गया है। सुरक्षा के लिए आरपीएफ और जीआरपी के अतिरिक्त जवान भी तैनात किए जाएंगे।






