
प्रधानमंत्री ने आइजोल से 9,000 करोड़ रुपये से अधिक की रेलवे, सड़क, शिक्षा, ऊर्जा और खेल परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। पीएम मोदी का यह दौरा मिजोरम में कनेक्टिविटी, शिक्षा, ऊर्जा और खेल के क्षेत्र में विकास की नई यात्रा की शुरुआत माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने तीन नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई
- सैरांग–दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल) राजधानी एक्सप्रेस
- सैरांग–गुवाहाटी एक्सप्रेस
- सैरांग–कोलकाता एक्सप्रेस
आज का दिन मिजोरम के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि प्रधानमंत्री ने राज्य की बहुप्रतीक्षित बैराबी–सैरांग रेलवे लाइन का उद्घाटन किया। आज़ादी के 78 वर्षों और भारतीय रेलवे के 172 वर्षों के बाद पहली बार मिजोरम रेलवे से जुड़ गया है। इस लाइन के शुरू होने से मिजोरम के लोग पहली बार रेलगाड़ी की सीटी सुन रहे हैं। इन ट्रेनों से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार, पर्यटन और सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि असली विकास तभी संभव है जब बुनियादी ढांचा देश के सबसे दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुँचे। उनकी दृष्टि यह भी रही है कि हर राज्य की राजधानी को रेल नेटवर्क से जोड़ा जाए।
रेलवे का नया अध्याय
• 8,070 करोड़ रुपये की लागत से बनी 51.38 किमी लंबी बैराबी–सैरांग रेल लाइन पूर्वोत्तर के सबसे कठिन इलाकों से होकर गुज़रती है।
• इसमें 48 सुरंगें (12 किमी से अधिक लंबाई) और 142 पुल बनाए गए हैं।
• पुल संख्या 196, जिसकी ऊँचाई 104 मीटर है, इस रूट का सबसे ऊँचा और भारतीय रेल का दूसरा सबसे ऊँचा पियर ब्रिज है।
• इस रेल मार्ग को आगे म्यांमार सीमा तक 223 किमी तक बढ़ाया जाएगा, जिससे कलादान प्रोजेक्ट को भी बढ़ावा मिलेगा।
• यह लाइन न केवल सुरक्षित, सस्ती और तेज़ यात्रा का विकल्प देगी, बल्कि खाद्यान्न, उर्वरक और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को भी सुगम बनाएगी।
सड़क संपर्क में सुधार
प्रधानमंत्री ने कई सड़क परियोजनाओं की नींव रखी, जिनमें शामिल हैं:
• आइजोल बाईपास रोड (45 किमी, 500 करोड़ रुपये, पीएम-डिवान योजना के तहत) – इससे शहर का जाम कम होगा और हवाईअड्डे व अन्य जिलों से जुड़ाव बेहतर होगा।
• थेंजावल–सियलसुक रोड (एनईएसआईडीएस योजना) – स्थानीय बागवानी किसानों को लाभ।
• खानकॉन–रोंगुरा रोड (सेरछिप जिला, एनईएसआईडीएस योजना) – किसानों को बाज़ार तक आसान पहुँच।
• चिमतुीपुई नदी पर पुल – यात्रा में दो घंटे की बचत और सीमा पार व्यापार को बढ़ावा।
खेल और ऊर्जा क्षेत्र
• तुइकुआल में खेलो इंडिया मल्टीपर्पज़ इंडोर हॉल की आधारशिला रखी गई, जो आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
• मुअलखांग (आइजोल) में 30 हजार मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता वाला एलपीजी बॉटलिंग प्लांट स्थापित होगा, जिससे रसोई गैस की आपूर्ति सुनिश्चित होगी और स्थानीय रोज़गार भी बढ़ेगा।
शिक्षा क्षेत्र में पहल
• कवर्थाह (मामित जिला) में आवासीय विद्यालय (पएमजेवीके योजना के तहत) का उद्घाटन किया गया, जिससे 10,000 से अधिक छात्रों को लाभ मिलेगा।
• त्रांगनुआम में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल का उद्घाटन हुआ, जो आदिवासी युवाओं की शिक्षा को नई दिशा देगा।




