• मंगलवार को पंचतत्व में विलीन हुए जुबिन गर्ग
• राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ अंतिम संस्कार
• 19 सितंबर को सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग के दौरान हुई थी मौत
19 सितंबर 2025 को जुबिन गर्ग के निधन की खबर से असम ही नहीं बल्कि पूरी हिंदी संगीत दुनिया शोक में डूब गई। 52 वर्षीय मशहूर गायक की सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग के दौरान हादसे में मौत हो गई थी। दूसरी बार पोस्टमार्टम होने के बाद 23 सितंबर को उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां उन्हें नम आंखों और पूरे राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन किया गया।
‘या अली’ फेम गायक जुबिन गर्ग के असमय निधन ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, 19 सितंबर को सिंगापुर में एक फेस्टिवल में परफॉर्मेंस से पहले वे स्कूबा डाइविंग के लिए गए थे, तभी यह हादसा हो गया। उनकी मौत की खबर फैलते ही म्यूजिक इंडस्ट्री और फैंस ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। रविवार को उनकी पार्थिव देह को गुवाहाटी स्थित अर्जुन भोगेश्वर बरुआ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में रखा गया, जहां भारी संख्या में प्रशंसक, राजनीतिक हस्तियां और फिल्मी जगत के लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। मंगलवार को गन सैल्यूट के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम यात्रा
समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा साझा एक वीडियो में दिखाया गया कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से उनकी पार्थिव देह को कमार्कुची श्मशान भूमि ले जाया गया। इस दौरान सड़क पर हजारों की भीड़ उमड़ी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिश्व शर्मा, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू समेत कई नामचीन हस्तियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। असम पुलिस ने शव वाहन का संचालन किया और अंतिम यात्रा के दौरान गन से सलामी दी। मार्ग पर यातायात पूरी तरह रोक दिया गया और मेघालय सहित पूरे इलाके में ड्राय डे घोषित किया गया।
फैंस ने पूरे किए सिंगर की ख्वाहिशें
अपने प्रिय गायक की अंतिम यात्रा में जुटे फैंस ने उनका लोकप्रिय गीत ‘मायाबिनी’ गाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुबिन गर्ग चाहते थे कि उनके निधन पर उनके चाहने वाले यह गीत जरूर गाएं, जिसे उनके प्रशंसकों ने पूरी शिद्दत से निभाया।
राज्य सरकार के निर्देश पर सिंगापुर से लाए गए शव का दूसरा पोस्टमार्टम गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुआ। इसके बाद फूलों से सजी एम्बुलेंस में पार्थिव देह को स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स लाया गया और वहां से भारी भीड़ की मौजूदगी में श्मशान भूमि ले जाया गया, जहां उन्हें पंचतत्व में विलीन कर दिया गया।





