यूपी:आगरा में मूर्ति विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, उटंगन नदी में 13 लोग डूबे

आगरा के खेरागढ़ में उटंगन नदी में गुरुवार को मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। गांव कुसियापुर डूंगरवाला से आए 13 लोग गहरे पानी में डूब गए, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद एक युवक विष्णु को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के लिए भक्तगण नाचते-गाते नदी में उतरे थे। लेकिन जैसे ही वे अंदर बढ़े, अचानक पानी की गहराई बढ़ने लगी और लोग एक-एक कर डूबने लगे। नदी किनारे चीख-पुकार मच गई और कुछ ही पलों में खुशी का माहौल मातम में बदल गया। हादसा दोपहर करीब एक बजे डुंगरवाला रोड स्थित नदी तट पर हुआ। ग्रामीण मदद के लिए चिल्लाते रहे लेकिन तत्काल कोई राहत दल मौजूद नहीं था। महिलाएं विलाप करती हुई बेसुध होकर नदी किनारे गिर पड़ीं।
शाम 5 बजे तक कोई गोताखोर टीम मौके पर नहीं पहुंची थी। ग्रामीण ही बार-बार नदी में गोते लगाकर डूबे लोगों की तलाश करते रहे। शाम 5:30 बजे डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी मौके पर पहुंचे और 10 स्थानीय गोताखोरों को बुलाया गया, लेकिन रात 8 बजे तक लापता लोगों का पता नहीं चल सका। हादसे की जगह पर सुरक्षा व्यवस्था न होने की वजह से लोग गहरे पानी में चले गए थे। प्रशासन का कहना है कि विसर्जन के लिए नदी पुल के पास घाट बनाया गया था, लेकिन लोग निर्धारित स्थल से हटकर दूसरी जगह चले गए जहां पानी गहरा था, जिससे हादसा हुआ। इस हादसे में अब तक तीन लोगों ओमपाल, गगन और मनोज की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इनका शव पुलिस और ग्रामीणों की मदद से निकाला गया। बाकी नौ लोगों की तलाश देर रात तक जारी थी। डूबने वालों में पांच नाबालिग भी शामिल हैं। दशहरे के दिन हुए इस हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
ग्रामीणों ने सुरक्षा व्यवस्था की कमी पर प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि अगर पुलिसकर्मी नदी किनारे तैनात होते तो हादसा टल सकता था। एसडीआरएफ की टीम भी हादसे के छह घंटे बाद मौके पर पहुंची। इस देरी से लोगों में गुस्सा फैल गया और उन्होंने जाम लगा दिया, जिसे दो घंटे की समझाइश के बाद हटाया जा सका। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि मृतकों के परिजनों को दैवीय आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि शासन और प्रशासन पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करेगा।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading