अग्निकांड के बाद परिजनों का आक्रोश, लापरवाही और सुरक्षा में कमी के आरोप
राजस्थान की राजधानी जयपुर में रविवार देर रात सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो आईसीयू वार्ड में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बड़ी घटना हुई। हादसे में आठ मरीजों की मौत हो गई, जबकि कई गंभीर मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही और सुरक्षा उपायों में कमी के आरोप लगाए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हादसे की जानकारी मिलते ही अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि “जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। चिकित्सकों व अधिकारियों से जानकारी ली गई है और त्वरित राहत कार्यों के निर्देश दिए गए हैं। मरीजों की सुरक्षा और देखभाल के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।” उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
परिजनों का दर्द
एक व्यक्ति ने बताया कि जब चिंगारी निकली तो पास में गैस सिलेंडर रखा था। देखते ही देखते धुआं पूरे आईसीयू में फैल गया और अफरातफरी मच गई। कई लोग अपने मरीजों को बचा ले गए, लेकिन उनका मरीज अंदर ही फंस गया। एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि “मुझे नीचे खाना खाते वक्त आग लगने की कोई सूचना नहीं मिली। वहां आग बुझाने की कोई सुविधा भी नहीं थी।” उसने ने बताया कि “रात करीब 11:20 बजे धुआं फैलना शुरू हुआ, तो डॉक्टरों को चेतावनी दी थी। लेकिन जब स्थिति बिगड़ी, तब तक डॉक्टर और स्टाफ वहां से जा चुके थे। केवल 4-5 मरीजों को ही बाहर निकाला गया। मेरे मामा के बेटे की इसी में मौत हो गई।”
नेताओं की प्रतिक्रियाएं
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि “आईसीयू में आग लगने से सात लोगों की मौत हृदयविदारक है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्माओं को शांति मिले और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ हो। राज्य सरकार को उच्च स्तरीय जांच करवाकर ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकनी चाहिए।”
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने भी घटना को “हृदय विदारक” बताया और शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि “इस हादसे में 3 महिलाओं सहित 8 लोगों की मौत की खबर अत्यंत दुखद है। यह घटना दिल को झकझोर देने वाली है।” उन्होंने प्रशासन से पूरी जानकारी ली और ट्रॉमा सेंटर पहुंचने की बात कही। गौरतलब है कि इस भीषण आग में आठ लोगों की मौत हुई है, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। हादसे ने अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






