कानपुर के मेस्टन रोड स्थित बिसातखाना इलाके में हुए धमाके के बाद पुलिस ने देर रात तक सर्च एंड सीजर ऑपरेशन चलाया। इस दौरान कई दुकानों में छापेमारी कर भारी मात्रा में पटाखे, बारूद और सुतली बम बरामद किए गए।
पुलिस ने सबसे पहले स्थानीय लोगों से अपनी दुकानें खोलकर जांच में सहयोग करने की अपील की, लेकिन किसी ने भी आगे आकर दरवाजे नहीं खोले। इसके बाद पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल खुद मौके पर पहुंचे और बिसातखाना की गली में कुर्सी डालकर बैठ गए। उन्होंने पुलिसकर्मियों को दुकानों के शटर और ताले काटने के निर्देश दिए। पुलिस ने पांच दुकानों के शटर व ताले कटवाए, जिनमें से तीन में विस्फोटक सामग्री मिली। एक दुकान में कपड़ों के नीचे पटाखे छिपाकर रखे गए थे। दुकानों के मालिकों और संचालकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। कुल 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
विस्फोट के बाद पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की और मौके पर फैले पटाखों व पटाखे वाली बंदूक को देखकर थाना पुलिस व एलआईयू पर नाराजगी जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना अनुमति के क्षेत्र में पटाखों की बिक्री और भंडारण कैसे हो रहा था और इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को क्यों नहीं थी। इसके बाद उन्होंने पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाने के आदेश दिए।
घटना की जानकारी मिलने के बाद डीजीपी राजीव कृष्ण ने पुलिस कमिश्नर से हालात और कार्रवाई की जानकारी ली। एडीजी एटीएस, एडीजी सिक्योरिटी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी स्थिति का जायजा लिया। सूत्रों के मुताबिक, एनआईए के अधिकारियों ने भी विस्फोट से जुड़ी जानकारी एकत्र की है।
इसके अलावा, धमाके के बाद बिसातखाना की दुकानों के बाहर लगे बिजली के पैनलों में करंट उतर गया। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि फायर ब्रिगेड द्वारा पानी छिड़कने के बाद पैनलों में करंट आ गया था। एहतियात के तौर पर पुलिस और अन्य लोगों को उस क्षेत्र से दूर हटा दिया गया।
कानपुर ब्लास्ट: दुकानों में मिला बारूद और सुतली बमों का जखीरा, तलाशी अभियान में 12 लोग हिरासत में






