
जम्मू के रामगढ़ क्षेत्र के गांव कौलपुर स्थित गुरुद्वारा साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की गंभीर घटना सामने आई है। इस घटना से सिख समुदाय में गहरा आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने आरोपी मंजीत सिंह उर्फ बिल्ला के घर को जेसीबी से तोड़ दिया और उसकी कार में आग लगा दी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
आगजनी कर मौके से फरार हुआ आरोपी
पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे आरोपी मंजीत सिंह ने गुरुद्वारे में जाकर गुरु ग्रंथ साहिब पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की और फिर वहां से फरार हो गया। गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के सदस्यों के मुताबिक, आग की लपटें देखकर सेवादार ने तुरंत सूचना दी, जिसके बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड के आने से पहले ही आग पर काबू पा लिया। यदि समय पर आग नहीं बुझाई जाती तो पूरा गुरुद्वारा जल सकता था।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
संगत ने जब सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो यह स्पष्ट हुआ कि आग कोई हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से लगाई गई थी। फुटेज में आरोपी मंजीत सिंह की करतूतें साफ दिखाई दीं। गुरुद्वारे के पास ही स्थित आरोपी के घर को लोगों ने जेसीबी से तोड़ दिया और सैकड़ों लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। पूरी रात तनावपूर्ण माहौल बना रहा और भीड़ आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करती रही।
गुरुद्वारा कमेटी भंग, साजिश की आशंका
अकाल तख्त साहिब और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना में कुछ और लोगों के शामिल होने की आशंका जताते हुए 24 घंटे में आरोपियों को पकड़ने और साजिश का पर्दाफाश करने की मांग की। इस बीच, कोलपुर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को भंग कर नई कमेटी बनाने का फैसला लिया गया।
घटना की गंभीरता के बावजूद सुबह साढ़े 8 बजे केवल एसएचओ मौके पर पहुंचे, जबकि डीआईजी शिव कुमार शर्मा, उपायुक्त आयुषी सूदन और एसएसपी वीरेंद्र सिंह दोपहर करीब साढ़े 1 बजे पहुंचे। अधिकारियों ने निषेधाज्ञा लागू करने की जानकारी दी और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। बाद में नगरोटा पुलिस ने आरोपी मंजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया और गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के उपाध्यक्ष गुरमेल सिंह ने बताया कि आरोपी ने अपने घर में एक ‘डेरा’ बना रखा था और पाखंड के जरिए लोगों को गुमराह करता था। उसने अपने घर में गुरु ग्रंथ साहिब पर लगाए जाने वाले चंदोया को टांगा हुआ था, जिसे समुदाय ने दो साल पहले हटवाया था। इसी बात को लेकर उसके और समुदाय के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। हाल ही में ग्रंथ साहिब का स्वरूप न मिलने पर आरोपी ने धमकी दी थी, जिसके बाद उसने यह कृत्य कर दिया।
डीआईजी शिव कुमार ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने व शांति बनाए रखने की अपील की गई है। वर्तमान में क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती के साथ स्थिति नियंत्रण में है।






