
पश्चिम बंगाल में मेडिकल छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस आरोपियों को वारदात स्थल पर ले जाएगी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान घटना का पुनर्निर्माण (सीन-रिक्रिएशन) किया जा सकता है, क्योंकि यह प्रक्रिया जांच का अहम हिस्सा है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने जानकारी दी कि दुर्गापुर में मेडिकल छात्रा से हुए सामूहिक दुष्कर्म प्रकरण में गिरफ्तार पांचों आरोपियों को अपराध स्थल पर ले जाकर घटना का सीन दोबारा रचा जाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों को परनागंज कालीबाड़ी श्मशान स्थल के पास स्थित जंगली इलाके में ले जाया जाएगा, जो निजी मेडिकल कॉलेज के गेट के नजदीक है। अधिकारी ने कहा, “घटना का पुनर्निर्माण जांच की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसलिए हम इसे आज करने की योजना बना रहे हैं।”
इस बीच, मंगलवार सुबह पांच में से दो आरोपियों को उनके घर ले जाकर तलाशी ली गई ताकि छिपाए गए किसी भी संभावित सबूत को खोजा जा सके। इसके बाद दिन में सभी पांचों आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा।
एक आरोपी कॉलेज का पूर्व गार्ड
पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में एक आरोपी उस निजी कॉलेज में बतौर सुरक्षा गार्ड काम कर चुका है। दूसरा आरोपी वर्तमान में एक अन्य अस्पताल में कार्यरत है। वहीं, एक आरोपी स्थानीय नगर निगम में अस्थायी कर्मचारी है और एक बेरोजगार है।
गौरतलब है कि ओडिशा के जलेश्वर की रहने वाली छात्रा के साथ पश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर में कुछ लोगों ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। छात्रा रात में अपने एक पुरुष मित्र के साथ कॉलेज कैंपस के बाहर खाना खाने गई थी। इसी दौरान कैंपस गेट के पास आरोपियों ने उसे घसीटकर पीछे के सुनसान इलाके में ले जाकर दुष्कर्म किया।
इस घटना के बाद पीड़िता के पिता ने बेटी की सुरक्षा को देखते हुए उसे पश्चिम बंगाल से ओडिशा ट्रांसफर करने की अपील की है।






