वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य को लेकर इन दिनों चर्चाएं तेज़ हैं। इसी बीच प्रयागराज के एक मुस्लिम युवक सुफ़ियान अल्लाहबादी का एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने मदीना में संत के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए दुआ मांगी है।
सुफ़ियान ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा, “क्या हिंदू, क्या मुसलमान, इंसानियत सबसे बड़ी है।” मदीना शरीफ की पवित्र मस्जिद में उन्होंने अल्लाह से प्रार्थना की, “हे अल्लाह, भारत के महान संत प्रेमानंद महाराज को जल्दी स्वस्थ करें ताकि वे अपने भक्तों का मार्गदर्शन करते रहें।” वीडियो में सुफ़ियान ने अपने मोबाइल पर संत का चित्र दिखाते हुए बताया कि उनकी तबीयत की जानकारी मिलने पर वे चिंतित हो गए और उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए दुआ कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “संत प्रेमानंद बहुत अच्छे इंसान हैं। धर्म कोई भी हो, फर्क नहीं पड़ता, अहम बात यह है कि इंसान अच्छा और सच्चा होना चाहिए।” सुफ़ियान का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
11 दिन बाद दोबारा शुरू हुई पदयात्रा
स्वास्थ्य संबंधी चर्चाओं के बीच संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा 11 दिन बाद फिर शुरू हो गई है। हालांकि इस बार यात्रा का मार्ग छोटा रखा गया। सोमवार को महाराज ने पूर्ववत पदयात्रा की, जिसमें मार्ग के दोनों ओर भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। सड़कों के किनारे रस्सियां लगाई गईं और रंगोली व फूलों से मार्ग को सजाया गया। रविवार तड़के उन्होंने आश्रम से कुछ दूरी तक पदयात्रा की, जिससे भक्तों को संतोष मिला। अगले दिन पदयात्रा के दौरान भक्त बड़ी संख्या में मार्ग के दोनों ओर एक झलक पाने के लिए जमा हुए। लोगों ने सड़कों को सजाया और जगह-जगह फूल बिछाए।
गौरतलब है कि 2 अक्टूबर को श्रीराधे हित केलिकुंज आश्रम की ओर से सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर पदयात्रा कुछ समय के लिए स्थगित करने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर संत के स्वास्थ्य को लेकर तरह-तरह की अफवाहें और फर्जी वीडियो फैलने लगे, जिससे भक्तों में बेचैनी बढ़ गई। बाद में संत प्रेमानंद महाराज ने एकांतिक वार्तालाप में स्वयं स्पष्ट किया कि उनका स्वास्थ्य ठीक है और कुछ लोग अनावश्यक भ्रम फैला रहे हैं।
संत प्रेमानंद महाराज के अनुयायी न केवल मथुरा-वृंदावन में, बल्कि देश-विदेश में भी बड़ी संख्या में हैं। कई बॉलीवुड कलाकार भी उनसे जुड़ाव रखते हैं और समय-समय पर उनसे मिलने आते हैं। उनके स्वास्थ्य को लेकर फैली अफवाहों के बीच कई लोग आश्रम पहुंचकर हालचाल लेने लगे, जहां यह स्पष्ट हुआ कि स्थिति उतनी गंभीर नहीं है और महाराज नियमित रूप से संवाद कर रहे हैं।






