ग्वालियर में आंबेडकर मूर्ति विवाद को लेकर तनाव अब भी बरकरार है। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चार हजार जवान तैनात किए गए हैं। इसी बीच सुंदरकांड पाठ को लेकर अधिवक्ता अनिल मिश्रा और सीएसपी हिना खान के बीच बहस के दौरान दोनों ने आमने-सामने ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
दरअसल, एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा अपने समर्थकों के साथ सुंदरकांड का पाठ करने जा रहे थे, तभी सीएसपी हिना खान ने उन्हें रोक दिया। इस पर अनिल मिश्रा ने उन्हें ‘सनातन विरोधी’ कहा और नारेबाजी शुरू कर दी। जवाब में सीएसपी हिना खान ने भी उनके सामने खड़े होकर कई बार ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए।
दोनों के बीच बहस के दौरान अनिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि सीएसपी ने उनके लोगों को रोका है, जबकि हिना खान ने साफ किया कि यह फैसला एसडीएम का था, उन्होंने खुद किसी को नहीं रोका। अनिल मिश्रा ने कहा कि ऐसा दो बार किया गया है और इसे उन्होंने ‘सनातन विरोध’ बताया। हिना खान ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यह सनातन का विरोध नहीं है। इसी बीच माहौल गरमाता गया और दोनों पक्ष नारेबाजी में जुट गए।
मंदिर के पुजारी ने बताया कि एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि बिना अनुमति कोई कार्यक्रम नहीं होगा, और उन्होंने उन्हीं आदेशों का पालन किया है। गौरतलब है कि आंबेडकर की प्रतिमा को लेकर ग्वालियर में काफी समय से विवाद चल रहा है। बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा के एक बयान से यह विवाद और बढ़ा था। अब वह ‘रक्षा मोर्चा’ नाम से एक संगठन चला रहे हैं। सोशल मीडिया पर दोनों के बीच हुई इस बहस और नारेबाजी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
एमपी: ‘सनातन विरोधी’ कहने पर ग्वालियर सीएसपी ने लगाए ‘जय श्रीराम’ के नारे






