प्रसिद्ध ट्रैवल इन्फ्लुएंसर और फोटोग्राफर अनुनय सूद का मात्र 32 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। उनके परिवार ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा करते हुए इस दुखद खबर की पुष्टि की है।
दुबई में रहने वाले अनुनय सूद ने बहुत कम उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। उनकी मौत की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर शोक की लहर दौड़ गई। हालांकि परिवार की ओर से मौत का कारण अब तक स्पष्ट नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में अनुनय अमेरिका के लास वेगास में थे और वहीं से उन्होंने अपनी आखिरी पोस्ट साझा की थी। कुछ ही दिन पहले अनुनय ने इंस्टाग्राम पर अपनी आखिरी पोस्ट डाली थी, जिसमें वे लास वेगास की सड़कों पर लग्जरी स्पोर्ट्स कारों के बीच नजर आ रहे थे। उन्होंने लिखा था, “यकीन नहीं होता कि मैंने यह वीकेंड अपने सपनों की मशीनों और लीजेंड्स के बीच बिताया।” आज यही पोस्ट उनके प्रशंसकों के लिए उनकी यादों की आखिरी निशानी बन चुकी है।
ट्रैवल की दुनिया के सुपरस्टार
दुबई में बसे अनुनय सूद केवल एक ट्रैवलर नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत थे। उनके इंस्टाग्राम पर 14 लाख से अधिक फॉलोअर्स और यूट्यूब पर करीब चार लाख सब्सक्राइबर्स थे। उनकी शानदार फोटोग्राफी और ट्रैवल रील्स ने सोशल मीडिया पर एक अलग पहचान बनाई थी। स्विट्ज़रलैंड के पहाड़ों से लेकर आइसलैंड की झीलों और टोक्यो की गलियों तक अनुनय के कैमरे ने हर जगह की खूबसूरती को एक नई नजर से दिखाया। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे लगातार तीन वर्षों (2022, 2023, 2024) तक फोर्ब्स इंडिया की टॉप 100 डिजिटल स्टार्स की सूची में शामिल रहे। फोर्ब्स ने उन्हें “दुबई बेस्ड फोटोग्राफर जो दुनिया को अपने कैमरे से देखता है” कहकर सम्मानित किया था।
वे एक सफल मार्केटिंग फर्म भी चलाते थे और सोशल मीडिया की क्रिएटिव दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुके थे। उनके परिवार ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए कहा कि वे इस समय गहरे शोक में हैं और प्राइवेसी बनाए रखने की अपील की है। वहीं, उनके प्रशंसकों ने कमेंट सेक्शन में श्रद्धांजलि दी और लिखा कि अनुनय ने उन्हें ज़िंदगी को खुलकर जीने की प्रेरणा दी थी।
अधूरा रह गया एक सपना
अनुनय सूद का सफर उस वक्त थम गया जब उनका करियर बुलंदियों पर था। उन्होंने एक बार कहा था, “अगर मेरे कैमरे से कोई इंसान भी दुनिया देखने की प्रेरणा पाए, तो मेरा काम सफल है।” आज उनकी तस्वीरें सिर्फ यादें नहीं, बल्कि एक अधूरी यात्रा की गवाही बन चुकी हैं।






