भारत–ईयू मुक्त व्यापार समझौता लागू होने में लग सकता है लगभग एक साल

भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत पूरी हो चुकी है। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत दोनों पक्षों के बीच व्यापक स्तर पर टैरिफ कटौती की जाएगी, जिससे खासतौर पर भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, ईयू का कार्बन टैक्स अब भी एक अहम और अनसुलझा मुद्दा बना हुआ है, जो टैरिफ छूट के पूर्ण लाभ को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस समझौते को पूरी तरह लागू होने में करीब एक साल का समय लग सकता है।

मुख्य बिंदु

  1. भारत–ईयू मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता पूरी।
  2. यूरोपीय परिषद और यूरोपीय संसद की मंजूरी अनिवार्य।
  3. ईयू का कार्बन टैक्स अब भी चिंता का विषय।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते के तहत यूरोपीय संघ लगभग 99 प्रतिशत भारतीय निर्यात पर टैरिफ कम करेगा या पूरी तरह समाप्त करेगा। वहीं, यूरोपीय आयोग का कहना है कि भारत भी ईयू के करीब 96.6 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क घटाने या हटाने पर सहमत हुआ है। आयोग का अनुमान है कि इस डील से यूरोपीय निर्यातकों को हर साल लगभग चार अरब यूरो तक के शुल्क में बचत होगी। यह भारत का 22वां मुक्त व्यापार समझौता होगा। हालांकि, 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाले ईयू के कार्बन टैक्स को इस समझौते में फिलहाल सुलझाया नहीं गया है। समझौते को लागू करने की प्रक्रिया में समय लग सकता है। यूरोपीय आयोग पहले बातचीत का ड्राफ्ट सार्वजनिक करेगा, जिसके बाद इसके कानूनी पहलुओं की समीक्षा होगी और इसे यूरोपीय संघ की सभी आधिकारिक भाषाओं में अनुवादित किया जाएगा। इसके बाद यह दस्तावेज हस्ताक्षर के लिए यूरोपीय परिषद के पास जाएगा। परिषद की मंजूरी मिलने के बाद भारत और ईयू के बीच हस्ताक्षर होंगे। अंतिम रूप से समझौते को लागू करने के लिए यूरोपीय संसद की सहमति और परिषद के अंतिम निर्णय की जरूरत होगी।

भारत से ईयू को निर्यात
भारत से यूरोपीय संघ को पेट्रोलियम उत्पाद, स्मार्टफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, मशीनरी, कंप्यूटर, ऑर्गेनिक केमिकल, लोहा-इस्पात, रत्न-आभूषण, फार्मास्यूटिकल्स और ऑटो पार्ट्स का प्रमुख निर्यात होता है। समझौते के बाद गारमेंट, लेदर, फार्मा, स्टील, पेट्रोलियम उत्पाद और इलेक्ट्रिकल मशीनरी जैसे सामान ईयू बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध हो सकेंगे। इसके साथ ही टेलीकॉम, बिजनेस सर्विसेज और ट्रांसपोर्ट जैसी सेवाओं के निर्यात में भी बढ़ोतरी की संभावना है।

भारत में ईयू से आयात
यूरोपीय संघ से भारत में मशीनरी, कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, विमान, चिकित्सा व वैज्ञानिक उपकरण, कच्चे हीरे, ऑर्गेनिक केमिकल, प्लास्टिक, लोहा-इस्पात, कारें और ऑटो पार्ट्स का आयात होता है। इस समझौते से विमान व उसके पुर्जे, इलेक्ट्रिकल मशीनरी, हीरे और केमिकल सेक्टर को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही बौद्धिक संपदा, बिजनेस सर्विसेज, आईटी और टेलीकॉम जैसे सेवा क्षेत्रों को भी मजबूती मिल सकती है।

‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ पर वैश्विक नजर
भारत–ईयू ट्रेड डील को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ करार दिया है। करीब दो दशकों की बातचीत के बाद हुए इस समझौते से दोनों पक्षों को बड़े आर्थिक लाभ की उम्मीद है और इसके 2026 में लागू होने की संभावना जताई जा रही है। इस डील पर अमेरिका की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है, जहां इसे वैश्विक व्यापार संतुलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading