- चीन में एक सोने की खदान का पता चला है, जिसमें करीब 1440 टन सोना है, इसकी अनुमानित कीमत 17 लाख करोड़ रुपए से भी अधिक है। चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है।
- वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार सितंबर 2025 तक भारत के पास कुल 880.2 टन सोना है। इस मात्रा के साथ भारत दुनिया में नौवें स्थान पर आता है, जबकि चीन 2303.5 टन सोने के साथ सातवें स्थान पर है।
आज के समय में सोना सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि मजबूत निवेश और आर्थिक स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। किसी भी देश की वित्तीय स्थिति में सोने का भंडार बेहद अहम भूमिका निभाता है। हाल ही में चीन में मिले इस विशाल सोने के भंडार ने विश्व अर्थव्यवस्था का ध्यान अपनी ओर खींचा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस खदान में मौजूद कुल सोने का मूल्य 17 लाख करोड़ से अधिक है। वैश्विक स्तर पर जब आर्थिक अस्थिरता बढ़ती है, तो निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं। यही कारण है कि विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंक बड़ी मात्रा में सोना खरीदते हैं।
कहां मिली यह खदान?
यह सोने की खदान उत्तर-पूर्वी चीन के लियाओनिंग प्रांत के पहाड़ी इलाके में मिली है। कहा जा रहा है कि यह 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण खोजों में से एक है। इस खदान से 1440 टन से अधिक सोना प्राप्त होने का अनुमान है, जिसकी कीमत करीब 192 अरब डॉलर या 17 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन इस क्षेत्र दादोंगगो को गोल्ड सप्लाई चेन हब के रूप में विकसित कर रहा है, जिसमें खनन, प्रसंस्करण, शुद्धिकरण और ज्वेलरी निर्माण जैसी गतिविधियां शामिल होंगी। चाइना डेली की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन नेशनल गोल्ड ग्रुप, लियाओनिंग मिनरल जियोलॉजी ग्रुप और यिंगकोऊ नगरपालिका सरकार के बीच 20 अरब युआन (लगभग 25 करोड़ डॉलर) की साझेदारी पर सहमति बनी है। इस प्रोजेक्ट को वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।





