
वीबी-जी ‘जी राम जी’ बिल पर संसद में भारी हंगामा
वीबी-जी ‘जी राम जी’ 2025 बिल को लेकर संसद के दोनों सदनों में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। लोकसभा में विपक्ष के तीखे विरोध और नारेबाजी के चलते सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्षी सांसदों ने इस विधेयक को लेकर संसद परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन भी किया। हालात को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इसके साथ ही संसद का शीतकालीन सत्र 2025 औपचारिक रूप से समाप्त हो गया।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस बिल को गरीब विरोधी बताते हुए कहा कि मूल मनरेगा योजना के तहत केंद्र सरकार 90 प्रतिशत तक फंड उपलब्ध कराती थी, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ थी। यह योजना उन गरीब और वंचित लोगों के लिए सबसे बड़ा सहारा थी, जिन्हें रोजगार पाने में कठिनाई होती थी। पिछले 20 वर्षों में यह गरीबों की मदद करने वाली सबसे प्रभावी योजनाओं में से एक रही है। उन्होंने कहा कि नए बिल में केंद्र की हिस्सेदारी में भारी कटौती से राज्य सरकारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जिसे वे वहन नहीं कर पाएंगी। इससे योजना के समाप्त होने का खतरा है, जो बेहद नुकसानदायक साबित होगा।
कांग्रेस सांसद उज्जवल रमन सिंह ने कहा कि इस बिल को विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज करते हुए और हंगामे के बीच पारित किया गया। सरकार अड़ी रही और विपक्ष की बातों को सुना ही नहीं गया। उन्होंने कहा कि इस विधेयक को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए था, जैसा कि 2005 में मनरेगा विधेयक के समय किया गया था। तब विपक्ष से सलाह लेकर उनके सुझावों पर विचार किया गया था। इससे स्पष्ट है कि सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है और उसने एक जनविरोधी व मजदूर विरोधी बिल पारित किया है, जिसे इतिहास माफ नहीं करेगा।
गुरुवार को पारित हुआ विधेयक
गौरतलब है कि ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन’ विधेयक, जिसे ‘जी राम जी’ कहा जा रहा है, गुरुवार को भारी हंगामे के बीच लोकसभा में पारित किया गया। यह विधेयक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 की जगह लेगा। सरकार के इस फैसले के विरोध में विपक्ष एकजुट होकर लगातार प्रदर्शन कर रहा है।





