एनएचएआई के टोल नियम: जानिए किसे मिलेगी पूरी छूट, और किसको मिलेगी रियायत

नेशनल हाईवे पर सफर के दौरान आमतौर पर टोल शुल्क देना अनिवार्य होता है। हालांकि, नियमों के तहत कुछ विशेष व्यक्तियों और वाहनों को टोल से पूरी तरह मुक्त रखा गया है, जबकि कुछ श्रेणियों के लिए रियायती पास की सुविधा उपलब्ध है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने स्पष्ट किया है कि टोल से जुड़ी सभी छूट और रियायतें राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर निर्धारण एवं संग्रह) नियम, 2008 के अंतर्गत दी जाती हैं।

किन नियमों के तहत मिलती है छूट
एनएचएआई के अनुसार, नियम 11 में कुछ खास व्यक्तियों और वाहनों को टोल से पूर्ण छूट का प्रावधान है। वहीं नियम 9 के तहत स्थानीय निवासियों के लिए मासिक पास और जिला स्तर पर रियायत जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।

किसे मिलती है टोल शुल्क में पूरी छूट

  • संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति व जनप्रतिनिधि
  • राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री
  • राज्यपाल
  • भारत के मुख्य न्यायाधीश
  • लोकसभा अध्यक्ष
  • केंद्रीय कैबिनेट मंत्री
  • राज्यों के मुख्यमंत्री
  • सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश
  • केंद्रीय राज्य मंत्री
  • केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल
  • राज्य विधानसभाओं के अध्यक्ष/विधान परिषद के सभापति
  • उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश व न्यायाधीश
  • सांसद
  • विधायक व विधान परिषद सदस्य (अपने राज्य में, वैध पहचान पत्र के साथ)
  • वरिष्ठ सरकारी व रक्षा अधिकारी
  • सेना प्रमुख (पूर्ण जनरल रैंक या समकक्ष)
  • आर्मी कमांडर, उप-सेना प्रमुख व समकक्ष रैंक
  • राज्य के मुख्य सचिव (उसी राज्य में)
  • भारत सरकार के सचिव
  • लोकसभा व राज्यसभा के सचिव
  • रक्षा, आपात व विशेष श्रेणियां
  • राजकीय यात्रा पर आए विदेशी अतिथि
  • परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र व शौर्य चक्र से सम्मानित व्यक्ति (प्रमाणित फोटो आईडी के साथ)
  • रक्षा मंत्रालय के वे वाहन जिन्हें कानूनन छूट प्राप्त है
  • केंद्रीय/राज्य सशस्त्र बल, अर्द्धसैनिक बल व पुलिस (वर्दी में)
  • कार्यपालक मजिस्ट्रेट
  • फायर ब्रिगेड व अग्निशमन सेवा के वाहन
  • जनसेवा से जुड़े वाहन
  • एनएचएआई या अन्य सरकारी एजेंसियों के निरीक्षण, सर्वे, निर्माण, संचालन या रखरखाव में लगे वाहन
  • एंबुलेंस
  • शव वाहन
  • दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए वाहन

किन्हें टोल में रियायत मिल सकती है

  • स्थानीय निवासियों के लिए मासिक पास
  • निजी (गैर-व्यावसायिक) वाहन
  • टोल प्लाजा से 20 किमी के दायरे में निवास
  • रोजमर्रा के आवागमन के लिए उसी मार्ग का उपयोग
  • यात्रा अगले टोल प्लाजा से आगे न जाए
  • मासिक शुल्क 150 रुपये (आधार दर, समय-समय पर संशोधित)
  • जहां सर्विस रोड या वैकल्पिक मार्ग हो, वहां पास जारी नहीं होता

जिला स्तर पर रियायत

  • उसी जिले में पंजीकृत निजी वाहन (नेशनल परमिट वाहन 제외)
  • राष्ट्रीय राजमार्ग/पुल/बाईपास/टनल जिले के भीतर स्थित हो
  • जिले के सभी टोल प्लाजा पर निर्धारित शुल्क का केवल 50% देय
  • जहां सर्विस रोड या वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो, वहां रियायत लागू नहीं

किन हालात में टोल नहीं लगता
यदि कोई वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग के केवल एक हिस्से का उपयोग करता है और किसी भी टोल प्लाजा को पार नहीं करता, तो न पास की आवश्यकता होती है और न ही टोल शुल्क लिया जाता है।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading