
बागलकोट में छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के अवसर पर निकाले गए जुलूस के दौरान पथराव की घटना सामने आने से कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया। प्रशासन ने एहतियातन स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार दोपहर लगभग 3:30 बजे पुराने शहर से जुलूस शुरू हुआ था। पर्याप्त पुलिस बल तैनात था और अधिकारी मौके पर मौजूद थे। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ गोयल ने बताया कि जुलूस जैसे ही मस्जिद क्षेत्र के पास पहुंचा, दूर से दो पत्थर फेंके गए। प्रारंभिक जानकारी और वीडियो के आधार पर एक पत्थर पुलिसकर्मी को लगा जबकि दूसरा उसके कंधे पर गिरा। हालांकि किसी को गंभीर चोट नहीं आई और जुलूस बाद में शांतिपूर्वक जारी रहा।
पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों और जुलूस की रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है। फुटेज के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने बताया कि बागलकोट के कुछ हिस्सों में 19 फरवरी की मध्यरात्रि से 24 फरवरी सुबह 7 बजे तक निषेधाज्ञा प्रभावी रहेगी। आदेश के तहत सार्वजनिक स्थानों पर चार से अधिक लोगों के एकत्र होने, हथियार लेकर चलने, बिना अनुमति सभा-समारोह या प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी लागू किए गए हैं। इस बीच तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से भी दो समुदायों के बीच टकराव की खबर है। बताया जा रहा है कि जुलूस के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। हालांकि पुलिस के मुताबिक दोनों स्थानों पर फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।






