
2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बहुजन समाज पार्टी ने अपनी रणनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने इस बार फिर से ब्राह्मण मतदाताओं को साधने की नीति अपनाने का संकेत दिया है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के जालौन जिले की माधौगढ़ सीट से आशीष पांडेय को उम्मीदवार घोषित कर संगठन ने महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। प्रदेश में ब्राह्मण वर्ग की नाराजगी और यूजीसी के नए नियमों जैसे मुद्दों पर स्पष्ट रुख अपनाने के बाद पार्टी प्रमुख मायावती द्वारा पहला टिकट ब्राह्मण चेहरे को देना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी आगामी चुनाव में बड़ा राजनीतिक समीकरण बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
सूत्रों के अनुसार बसपा इस बार लगभग 80 सीटों पर ब्राह्मण प्रत्याशी उतारने की योजना बना रही है। जून तक करीब 50 उम्मीदवारों के नाम तय किए जाने की संभावना है ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रचार शुरू कर सकें। जिन सीटों पर पिछली बार पार्टी बेहद कम अंतर से हारी थी, वहां प्रत्याशियों की घोषणा प्राथमिकता से की जाएगी। 2012 के बाद हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी को लगातार झटके लगे हैं और वर्तमान में प्रदेश में उसका केवल एक विधायक है। लोकसभा चुनाव में भी अपेक्षित सफलता न मिलने से मुस्लिम मतदाताओं का भरोसा कमजोर हुआ है। अब संगठन 2007 में अपनाए गए सोशल इंजीनियरिंग मॉडल को फिर सक्रिय करने की दिशा में काम कर रहा है, जिसमें ब्राह्मण प्रतिनिधित्व बढ़ाकर उन्हें सत्ता संरचना में भागीदारी दी गई थी।
जून से प्रचार अभियान तेज
मायावती के निर्देश पर केंद्रीय संयोजक आकाश आनंद अप्रैल के अंत से चुनावी दौरे शुरू कर सकते हैं। जिन सीटों पर उम्मीदवार घोषित हो जाएंगे, वहां वे रोड शो और जनसभाएं करेंगे। पांच राज्यों के चुनाव संपन्न होने के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता भी यूपी पहुंचकर प्रचार अभियान को गति देंगे। इनमें अशोक सिद्धार्थ, जयप्रकाश और रामजी गौतम समेत अन्य पदाधिकारी शामिल होंगे, जो केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश का रुख करेंगे। इससे पहले आकाश विभिन्न चुनावी राज्यों का दौरा करेंगे। साथ ही 15 मार्च को पार्टी संस्थापक कांशीराम की जयंती पर भरतपुर, राजस्थान में एक बड़ी रैली आयोजित करने की तैयारी है।






