राजस्थान: बच्चे के शव के अवशेषों की तलाश में खोदा जाएगा, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे बनते समय दौसा में चाचा द्वारा 6 साल पहले गाड़े गए बच्चे के शव की जीपीआर मशीन से की गई स्कैनिंग

बांदीकुई क्षेत्र के ऊनबड़ा गांव से वर्ष 2020 में लापता हुए टिल्लू उर्फ प्रिंस बैरवा की तलाश में पुलिस ने दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे के नीचे ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) मशीन से स्कैनिंग कराई है। जांच के दौरान दो संदिग्ध स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां अवशेष होने की आशंका जताई गई है। पुलिस ने खुदाई के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से अनुमति मांगने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, आरोपी फिलहाल रिमांड पर हैं। राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस-प्रशासन छह वर्ष पुराने इस मामले की पुनः जांच कर रहा है। आरोपियों की निशानदेही पर दौसा जिले के बांदीकुई थाना क्षेत्र स्थित गांव के पास सर्च अभियान चलाया जा रहा है। बताया गया कि जिस समय शव दफनाने की बात कही गई, उस दौरान एक्सप्रेस-वे का निर्माण जारी था और अब वहां करीब 12 फीट ऊंचा मार्ग बन चुका है।

स्वीडन निर्मित जीपीआर से स्कैनिंग
तलाश के लिए स्वीडन से मंगाई गई जीपीआर मशीन द्वारा जमीन के भीतर लगभग 5 मीटर (करीब 15 फीट) गहराई तक स्कैन किया गया। शुक्रवार को हुई जांच में लगभग 10 फीट के दायरे में दो ऐसे बिंदु मिले हैं, जहां कंकाल जैसे ऑब्जेक्ट होने की संभावना जताई गई है। हालांकि इनकी पुष्टि मशीन रिपोर्ट और तकनीकी विश्लेषण के बाद ही होगी। रिपोर्ट को इमेज प्रोसेसिंग के लिए जयपुर भेजा जाएगा।

प्रारंभिक संकेतों के आधार पर यदि अनुमति मिलती है तो चिन्हित स्थानों पर करीब 15 फीट तक खुदाई कराई जा सकती है। इससे पहले 19, 25 और 26 फरवरी को अलग-अलग चरणों में खुदाई कराई गई थी, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। 27 फरवरी को जीपीआर मशीन से दोबारा जांच की गई। पुलिस ने वर्ष 2020 का निर्माणकालीन ड्रोन वीडियो भी मंगवाया है, जिसे आरोपियों को दिखाकर सटीक स्थान की पहचान कराई जाएगी। फिलहाल जांच दो तकनीकी आधारों पर आगे बढ़ रही है—ड्रोन वीडियो विश्लेषण और जीपीआर की अंतिम रिपोर्ट।

छह साल पुराना मामला
16 अगस्त 2020 को ऊनबड़ा गांव के पास एक ढाणी से 4 वर्षीय प्रिंस बैरवा अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने अगले दिन गुमशुदगी दर्ज करवाई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बाद में अदालत में याचिका दायर होने पर केस की समीक्षा की गई, जिसमें कुछ संदिग्ध तथ्य सामने आए और जांच विशेष अधिकारी को सौंपी गई। शक के आधार पर पड़ोस में रहने वाले युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसने रंजिश में हत्या कर शव दफनाने की बात कबूल की। जांच में उसकी बहन की संलिप्तता भी सामने आई और दोनों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया है। थाना प्रभारी के अनुसार, पूछताछ जारी है और पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। जांच अधिकारी का कहना है कि जीपीआर से मिले संकेत कंकाल जैसे अवशेष होने की संभावना दर्शाते हैं। फिलहाल पुलिस का मुख्य उद्देश्य अवशेष बरामद कर साक्ष्यों को मजबूत करना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक्सप्रेस-वे के हिस्से में खुदाई की औपचारिक अनुमति मांगी गई है।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading