
अमेरिकी नाकेबंदी के बावजूद एक चीनी टैंकर के होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि “रिच स्टारी” नामक यह जहाज नाकेबंदी लागू होने के बाद खाड़ी क्षेत्र से बाहर निकलने वाला पहला पोत है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी थी। इसी बीच यह जानकारी सामने आई कि चीन का टैंकर इस प्रतिबंध के बावजूद जलडमरूमध्य पार करने में सफल रहा। हालांकि, इस घटना को लेकर अभी तक अमेरिका या चीन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। बताया जा रहा है कि “रिच स्टारी” पर पहले से ही ईरान के साथ व्यापारिक संबंधों को लेकर अमेरिकी प्रतिबंध लगे हुए हैं। इसके बावजूद जहाज ने अपनी यात्रा पूरी की। यह टैंकर शंघाई स्थित कंपनी के स्वामित्व में है और इसमें करीब 2.5 लाख बैरल मेथनॉल लदा हुआ था, जिसे हमरिया पोर्ट से लोड किया गया था। इस घटनाक्रम के बीच चीन ने अमेरिका को स्पष्ट संदेश देते हुए अपने मामलों में हस्तक्षेप न करने की बात कही है। चीन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि देश वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन मध्य पूर्व में अपने आर्थिक और ऊर्जा हितों की रक्षा भी करेगा। चीन ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के साथ उसके व्यापारिक संबंध हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य उसके जहाजों के लिए खुला है।
पाकिस्तान में बातचीत रही बेनतीजा
इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। करीब 21 घंटे चली इस बातचीत में परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई। ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने की गारंटी देने से इनकार किया, जबकि अमेरिका पूर्ण समझौते पर अड़ा रहा। वार्ता विफल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज में नौसैनिक नाकेबंदी का आदेश जारी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों की ओर आने-जाने वाले जहाजों की निगरानी और रोकथाम करेगी, ताकि ईरान पर दबाव बनाया जा सके। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि ईरानी तेज़ गति वाले हमलावर जहाज नाकेबंदी के करीब आए, तो उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा।




