
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के मेयर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने निर्णायक बढ़त के साथ जीत दर्ज की है। पार्टी के उम्मीदवार वाही को 156 मत मिले और उन्होंने मेयर पद की शपथ ग्रहण की। इस चुनाव की प्रमुख विशेषता आम आदमी पार्टी की गैरमौजूदगी रही, जिसने पूरी प्रक्रिया से खुद को अलग रखा। कांग्रेस प्रत्याशी हाजी जरफ को केवल नौ वोट मिले। इस परिणाम के साथ ही एमसीडी के शीर्ष पदों पर बीजेपी का वर्चस्व स्थापित हो गया है। मेयर पद के मतदान में वाही को इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के 14 पार्षदों का भी समर्थन मिला। वहीं, आनंद विहार से बीजेपी पार्षद मोनिका पंत 156 मतों के साथ डिप्टी मेयर निर्वाचित हुईं। पदभार ग्रहण करने के बाद वाही ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए राजधानी में स्वच्छता और विकास को प्राथमिकता देने का भरोसा दिया। मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के साथ ही स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों का चयन भी किया गया। बीजेपी की ओर से बेगमपुर के जय भगवान यादव और पहाड़गंज के मनीष चड्ढा को समिति में स्थान मिला। वहीं, आम आदमी पार्टी की शालीमार बाग से पार्षद जलज चौधरी भी एमसीडी पैनल का हिस्सा बनीं। इस बार चुनावी कॉलेज में कुल 273 मत थे, जिनमें 249 पार्षद, 14 विधायक, 7 लोकसभा सांसद और 3 राज्यसभा सदस्य शामिल थे। जीत के लिए 137 मतों का आंकड़ा आवश्यक था।
आप की दूरी: रणनीति या मजबूरी
आप ने मेयर चुनाव से दूरी बनाते हुए इसे राजनीतिक रणनीति बताया। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बीजेपी को सत्ता सौंपकर उसकी कार्यशैली को जनता के सामने उजागर किया जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बहुस्तरीय सत्ता होने के बावजूद बीजेपी राजधानी में ठोस बदलाव लाने में नाकाम रही है।
सत्ता परिवर्तन का संदर्भ
यह बदलाव इसलिए भी अहम है क्योंकि नवंबर 2024 के चुनाव में आम आदमी पार्टी के महेश कुमार खींची ने महज तीन वोटों के अंतर से मेयर पद जीता था। उल्लेखनीय है कि 22 मई 2022 को पूर्वी, उत्तरी और दक्षिणी नगर निगमों के विलय के बाद एमसीडी एकीकृत निकाय के रूप में अस्तित्व में आया था। अब बीजेपी की वापसी के बाद राजधानी में विकास कार्यों की रफ्तार और प्रशासनिक समन्वय पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।





