राजस्थान के दौसा जिले से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां महज 14 साल के एक बच्चे की अचानक मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह मामला हार्ट अटैक यानी अचानक हृदय गति रुकने (सडन कार्डियक डेथ) का प्रतीत हो रहा है। इस अप्रत्याशित घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिवार गहरे सदमे में है।

अचानक बिगड़ी तबीयत
दौसा जिले के महवा क्षेत्र स्थित समलेटी गांव निवासी कार्तिक बैरवा (14) पुत्र अशोक बैरवा शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे अपने बिस्तर से उठकर पानी पीने गया था। इसी दौरान वह अचानक जमीन पर गिर पड़ा और बेहोश हो गया। परिजन तुरंत घबरा गए और उसे बिना देरी किए महवा जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। महवा जिला अस्पताल की डॉक्टर माधुरी शर्मा के अनुसार, बच्चे को अस्पताल लाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। शुरुआती जांच में यह मामला सडन कार्डियक डेथ का लग रहा है, जिसमें अचानक दिल की धड़कन रुक जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मामलों में पोस्टमॉर्टम से ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकती थी, लेकिन परिजन बिना पोस्टमॉर्टम कराए ही शव को घर ले गए। ग्रामीणों के मुताबिक, कार्तिक पूरी तरह स्वस्थ और सामान्य जीवन जी रहा था। उसे पहले कभी किसी गंभीर बीमारी की शिकायत नहीं थी। ऐसे में उसकी अचानक मौत ने सभी को हैरान और स्तब्ध कर दिया है।
परिवार में हाल ही में खुशियों का माहौल था। कार्तिक की बड़ी बहन जिया की शादी 1 मई को करौली जिले के टोडाभीम क्षेत्र के रामपुर गांव में हुई थी। शुक्रवार दोपहर में कार्तिक पहली बार अपनी बहन को ससुराल से लाने जाने वाला था और घर में उसी की तैयारियां चल रही थीं। समलेटी पंचायत के पूर्व सरपंच रविंद्र बैरवा ने बताया कि सुबह तक घर में खुशी का माहौल था, लेकिन अचानक हुई इस घटना ने सब कुछ बदल दिया। भाई की मौत की खबर बहन को तुरंत नहीं दी गई। पहले उसकी तबीयत खराब होने की सूचना देकर उसे गांव बुलाया गया। जैसे ही बहन गांव पहुंची और भाई का शव देखा, वह बेसुध हो गई।
पिता कैंसर से पीड़ित
कार्तिक का परिवार आर्थिक रूप से भी कमजोर है। उसके पिता अशोक बैरवा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मां रजनी बैरवा गृहिणी हैं। परिवार में कार्तिक के अलावा दो बहनें हैं, जिनमें छोटी बहन राधिका भी उसी सरकारी स्कूल में पढ़ती है, जहां कार्तिक पढ़ाई करता था। कार्तिक आठवीं कक्षा का छात्र था और गांव के सरकारी विद्यालय में पढ़ता था। उसकी असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे गांव में ही उसका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। हर किसी की आंखें नम थीं और माहौल पूरी तरह शोक में डूबा नजर आया।
यह घटना एक बार फिर कम उम्र में हृदय संबंधी समस्याओं के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता बढ़ा रही है।






