कांग्रेस ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर भाजपा पर राजनीतिक रोटियाँ सेंकने का लगाया आरोप

राममंदिर अयोध्या में 22 जनवरी को होने जा रहे रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर सियासत तेज होती जा रही है। एक तरफ कांग्रेस इसे भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का कार्यक्रम बताने के साथ ही राजनीतिक रोटियाँ सेंकने का भी आरोप लगा रही है। वहीं भाजपा ने भी कांग्रेस पर उल्टा वार करते हुए पूछा कि राम के आदर्श पर चलने की बात करने वाली पार्टी के लोग आखिर भगवान श्रीराम के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में क्यों नहीं जा रहे हैं? कांग्रेस ने कहा कि भाजपा के काम का विरोध करो तो ये आपको पाकिस्तानी व देशद्रोही के साथ ही धर्म विरोधी और हिंदू विरोधी बता देंगे। प्राण प्रतिष्ठा समारोह के इस कार्यक्रम का विरोध सिर्फ कोई पार्टी नहीं बल्कि शंकराचार्य और धर्म गुरु भी कर रहे हैं।

धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस से हम एक ही सवाल पूछना चाहते हैं कि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में वह लोग जाने से क्यों मना रहे हैं ? इसका जवाब उनको देना चाहिए। श्रीराम पर राजनीति करने के आरोप पर कहा कि रामजी पूरे देश के आदर्श हैं। कांग्रेस की ओर से निमंत्रण ठुकराए जाने पर बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति ईर्ष्या, द्वेष और हीन भावना के कारण कांग्रेस देश का विरोध करने की हद तक चली गई है और अब भगवान का भी विरोध कर रही है।

यूपी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने किया प्राण प्रतिष्ठा समारोह में जाने का ऐलान

रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह से कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने दूरी बना ली है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने 22 जनवरी को अयोध्या न जाने का फैसला किया है।अयोध्या जाने को लेकर पार्टी में ही कलह की स्थिति बन गई है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री ने प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए निमंत्रण को व्यक्तिगत बताते हुए स्वीकार कर लिया। खत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए लिखा,”मैं इस कार्यक्रम में भाग लूंगा। कांग्रेस पार्टी का ऐसा कोई निर्देश नहीं है कि कोई कांग्रेसी इस कार्यक्रम में भाग न ले, सिर्फ हमारे सर्वोच्च नेताओं ने ही 22 के निमंत्रण में आने में असमर्थता व्यक्त की है।” रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने को लेकर कांग्रेस में दो फाड़ को लेकर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने आज प्रतिक्रिया दी और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पार्टी (कांग्रेस) अपने ही नेता के साथ अन्याय करें और राम भक्तों को भगवान राम से दूर रखें तो राम भक्त कहां उनकी सुनने वाले हैं। अनुराग ठाकुर ने इंडिया गठबंधन पर भी निशाना साधते हुए कहा, कि “घमंडिया गठबंधन के नेताओं ने कभी सनातन धर्म को कुचलने की बात कही। हिंदुओं के बारे में अनाप-सनाप बयान दिया। तुष्टिकरण की राजनीति के लिए हिंदुओं का अपमान किया। अनुराग ठाकुर ने आगे कहा कि विपक्षी नेता राम मंदिर से दूरी बनाए रखना चाहते। ये लोग भगवान राम को काल्पनिक बता रहे थे। विपक्षी नेताओं ने राम मंदिर के खिलाफ मुकदमा लड़ने पर जोर लगा दिया था।

भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का जिक्र करते हुए कहा कि इस समारोह को भाजपा ने राजनीतिक आयोजन बना दिया है। “22 जनवरी का कार्यक्रम राजनीतिक कार्यक्रम है। हम सभी धर्मों के साथ हैं। मुझे धर्म का फायदा नहीं उठाना। मैं उसमें इंट्रेस्टेड भी नहीं हूं। मुझे मेरे धर्म को शर्ट पर पहनने की जरूरत नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि जो भी वहां जाना चाहता है, वो जा सकता है। लेकिन हम उस दिन वहां नहीं जाएंगे। हमारी पार्टी से कोई भी वहां जा सकता है।

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