सीबीआई कोर्ट ने बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड में सभी सात आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों में माफिया अतीक अहमद के तीन शॉर्प शूटर भी शामिल हैं। हत्याकांड के दो आरोपी अतीक अहमद और अशरफ की मौत हो चुकी है।
25 जनवरी 2005 दिन मंगलवार को दोपहर करीब तीन बजे बसपा विधायक राजू पाल दो गाड़ियों के काफिले में साथियों संग घर लौट रहे थे, तभी उनकी गाड़ी को घेरकर गोलियों की बौछार कर दी गई थी। हत्याकांड के वक्त राजू पाल खुद गाड़ी चला रहे थे। उनके बगल में दोस्त की पत्नी रुखसाना बैठी थीं। पीछे स्कार्पियो में ड्राइवर महेंद्र पटेल समेत चार लोग लोग थे। दोनों गाड़ियों में एक-एक सशस्त्र सिपाही थे। आसपास के लोग अब भी सरेराह गोलियों की तड़तड़ाहट को याद कर सिहर उठते हैं। मामले में विशेष न्यायाधीश ने आरोपी फरहान को अवैध हथियार रखने के आरोप में चार साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि आरोपी इसरार अहमद, रणजीत पाल, जावेद, आबिद, गुलशन और अब्दुल कवि को हत्या करने का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास तथा पचास पचास हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।






