गाजा में हमले के लिए AI की मदद ले रही है, इजराइली सेना, रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा

हमास और इस्राइल के बीच कई माह से जंग जारी है। इस युद्ध को रुकवाने के लिए हर कोई कोशिश कर रहा है, लेकिन फिर भी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। अब बताया जा रहा है कि इस्राइली सेना हमास के आतंकियों को निशाना बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद भी ले रहा है। बता दें, इस्राइल के खुफिया अधिकारियों के हवाले से एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। इस्राइली अधिकारियों का कहना है कि एआई-आधारित टूल को ‘लैवेंडर’ कहा जाता था। इसे 10 प्रतिशत गलती करने के लिए भी जाना था। जब इस बारे में इस्राइल के रक्षा बलों  (आईडीएफ) से पूछा गया तो उन्होने टूल के होने पर विवाद नहीं किया। हालांकि, इस बात से इनकार किया कि संदिग्ध आतंकवादियों की पहचान के लिए एआई का इस्तेमाल किया जा रहा था। वहीं, एक अधिकारी का कहना है कि मशीन रबर स्टैंप की तरह काम करती थी। पहले पुरुष की पहचान करती और 20 सेंकड के अंदर ही हमला कर देती। 
सूचना प्रणाली केवल एक टूल
रिपोर्ट के अनुसार, एक लंबे बयान में सेना ने इस बात पर जोर दिया की आतंकियों की पहचान करने की प्रक्रिया में सूचना प्रणाली केवल एक टूल है। हम जंग के समय नागरिकों को कम नुकसान हो इसकी कोशिश में लगे हैं। सेना का यह भी कहना है कि विश्लेषकों को नियमों को देखते हुए एक स्वतंत्र जांच करनी चाहिए। रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है, जब इस्राइल के सैन्य अभियान की अंतरराष्ट्रीय जांच तेजी से हो रही है। दरअसल, इस्राइल पर आरोप है कि उसके लक्षित हवाई हमलों में फलस्तीनी एन्क्लेव में भोजन पहुंचाने वाले कई विदेशी सहायता कर्मी मारे गए। इसके बाद इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छिड़ गई। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, गाजा में अबतक 32,916 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। वहीं, संयुक्त राष्ट्र की माने तो उत्तरी गाजा में लगभग तीन-चौथाई आबादी भूख से पीड़ित है। 

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading