मृतका के मां-बाप ने बताया कि शोहदे तीन माह से उनकी बेटी के साथ छेड़खानी कर रहे थे। फरवरी और मार्च में इसकी शिकायत थाने में की थी, लेकिन आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस की संवेदनहीनता यहीं खत्म नहीं हुई। पुलिस ने दंपती को ही शव के साथ पोस्टमार्टम करवाने के लिए कर्वी भेज दिया, जबकि पोस्टमार्टम कराने की जिम्मेदारी पुलिस की थी।
चित्रकूट जिले के मऊ थाना क्षेत्र में दसवीं की छात्रा से शोहदे स्कूल जाते समय छेड़छाड़ करते थे। इससे क्षुब्ध छात्रा ने शनिवार को घर में ही फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। बेटी के माता-पिता जब इसकी जानकारी पुलिस को देने पहुंचे, तो उन्हें पीटकर लॉकअप में डाल दिया गया। मामले में दो शोहदों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। हमारी मित्र पुलिस की यह करतूत मऊ थाना क्षेत्र के गांव में सामने आई। पीड़ित दंपती ने बताया कि उनकी 16 वर्षीय बेटी शंकरगढ़ के एक विद्यालय में हाईस्कूल की छात्रा थी। वह सहेलियों के साथ साइकिल से विद्यालय जाती थी। रास्ते में गांव के ही दो भाई मुन्नीलाल निषाद (22) और रंगीलाल निषाद (20) आए दिन उससे छेड़छाड़ करते थे। दंपती ने बताया कि शनिवार को खेत से लौटते समय रास्ते में दोनों भाइयों ने फिर छेड़छाड़ की। घर आकर बेटी ने इसकी जानकारी दी। रविवार की शाम को परिजन खेत पर थे। कुछ देर बाद कमरे में पहुंची छोटी बहन ने उसे फंदे से लटकता देखा, तो परिजनों को बुलाया। परिजन उसे फंदे से उतारकर सीएचसी लाए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दंपती ने बताया कि वह लोग घटना की जानकारी देने मऊ थाने पहुंचे थे।
आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज
थाने में मौजूद दरोगा और सिपाहियों ने उनकी पिटाई कर दी। उनका मोबाइल जमीन पर पटक दिया और उन्हें लॉकअप में बंद कर दिया। मामले में सीओ निष्ठा उपाध्याय ने बताया कि आरोपी मुन्नीलाल और रंगीलाल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। थाने में मारपीट के आरोपों की भी जांच की जाएगी।





