बॉम्बे हाई कोर्ट ने आज पुणे कार दुर्घटना मामले में नाबालिग आरोपी को जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति भारती डांगरे और न्यायमूर्ति मंजूषा देशपांडे ने 21 जून को आदेश सुरक्षित रखने के बाद आज यह आदेश सुनाया। यह आदेश उस समय पारित किया गया जब नाबालिग की मौसी ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि उसे मनमाने ढंग से सुधार गृह में हिरासत में रखा गया है। 19 मई की सुबह पुणे के कल्याणी नगर में एक पोर्शे कार से मोटरसाइकिल सवार दो सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की मौत हो गई थी। इस कार को कथित तौर पर शराब के नशे में 17 वर्षीय एक किशोर चला रहा था। नाबालिग आरोपी के वकील प्रशांत पाटिल ने ANI से कहा कि, ‘आज हमने किशोर न्याय बोर्ड की तीन रिमांड को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। हमने तर्क दिया और उसकी तत्काल रिहाई के लिए कहा है। आज कोर्ट ने रिहाई के निर्देश दिए हैं। बच्चे की कस्टडी मौसी को दी जानी है।’
पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिले है जिसमें नाबालिग दुर्घटना से पहले पब में शराब पीता हुआ दिखाई दे रहा है। पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने फुटेज की पुष्टि करते हुए कहा कि नाबलिग आरोप को अपनी हरकतों के बारे में पूरी जानकारी थी। इसके अलावा, पुलिस ने उसके पिता विशाल अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया और दो बार के मालिकों और कर्मचारियों को नाबालिग को शराब परोसने के लिए गिरफ्तार किया है।






