कर्नाटक में तेज रफ्तार से चलाई गाड़ी, तो दर्ज होगी एफआईआर

अब कर्नाटक में कहीं भी 130 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा रफ्तार से गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ एक अगस्त से प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की जाएगी। एक वरिष्ठ यातायात पुलिस अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। उनके अनुसार, राज्य में लगभग 90 प्रतिशत घातक दुर्घटनाओं का कारण ओवर-स्पीडिंग है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यातायात और सड़क सुरक्षा) आलोक कुमार ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 25 जुलाई को बंगलूरू-मैसुरु हाईवे पर 155 लोगों ने 130 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गाड़ी चलाई। उन्होंने कहा, “एक अगस्त से कर्नाटक में कहीं भी 130 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा स्पीड से वाहन चलाने वालों के खिलाफ तेज और खतरनाक ड्राइविंग के लिए प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।”
कुमार ने पीटीआई से बात करते हुए बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) – 281 के तहत तेज और लापरवाही से ड्राइविंग के लिए, एक बार जब गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा हो जाती है, तो यह तेज या खतरनाक ड्राइविंग बन जाती है। इस महीने की शुरुआत में NICE (नंदी इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर एंटरप्राइज) रोड पर हुए एक हादसे का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। और इसमें शामिल वाहन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहा था। उनके अनुसार, सड़क सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति ने इस दुर्घटना पर ध्यान दिया। और राज्य सरकार को सूचित किया कि ओवर-स्पीडिंग बड़ी संख्या में हो रही है और इससे जान का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा, “वर्ष 2022 में, कर्नाटक में 90 प्रतिशत (दुर्घटना) मौतें तेज रफ्तार (ओवर-स्पीडिंग) के कारण हुई थीं। हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति ने हमें इस संबंध में प्रभावी प्रवर्तन करने के लिए कहा। इस दिशा में, हम इस (130 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा स्पीड से गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने) के साथ आए हैं। इसे लागू करना एक वास्तविक चुनौती होगी, लेकिन हम इसे लागू करने की कोशिश करेंगे।” उन्होंने कहा कि नया नियम सभी सड़कों पर लागू होगा, न कि सिर्फ हाईवे तक ही सीमित रहेगा।
कुमार ने कहा, “उदाहरण के लिए, हमारे पास बंगलूरू-मैसुरु हाईवे पर स्पीड लेजर गन लगाई हैं। जो रात में भी वाहनों की रफ्तार रिकॉर्ड करती हैं। और हाईवे पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन कैमरे हमें ओवर-स्पीडिंग वाहनों की तस्वीरें उनकी स्पीड के साथ रिकॉर्ड करने में मदद करते हैं। इसलिए, हमारे लिए उन्हें (उल्लंघनकर्ताओं) रिकॉर्ड करना और मामला दर्ज करना आसान होगा।” उनके अनुसार, देश भर में नेशनल हाईवे पर गति सीमा अभी 100 किलोमीटर प्रति घंटा है। जबकि राज्य और अन्य राजमार्गों पर गति सीमा कम है। एक्सप्रेसवे पर गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा है। जो देश में किसी भी वाहन द्वारा चलाया जा सकने वाली अधिकतम गति सीमा है।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading