दिल्ली के कथित शराब घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में टल गई है। अब सुप्रीम कोर्ट 5 सितंबर को केजरीवाल की जमानत याचिका और गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करेगा। इस बीच, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शराब घोटाले में सीबीआई के केस में केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 27 अगस्त तक बढ़ा दी है। कोर्ट की विशेष जज कावेरी बावेजा ने यह फैसला सुनाया। लाजपत नगर में, केजरीवाल से जुड़े इन फैसलों के बाद, दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। बीजेपी नेता योगेंद्र चंदोलिया ने केजरीवाल की जमानत याचिका खारिज होने पर ‘सत्यमेव जयते’ का नारा लगाने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “आप के मंत्री आतिशी, सौरव भारद्वाज और मनीष सिसोदिया को आज सत्यमेव जयते कहना चाहिए। अगर फैसला उनके पक्ष में आता तो वे यही नारा लगाते। केजरीवाल को भी सत्यमेव जयते कहना चाहिए। मनीष सिसोदिया शराब घोटाले में फिर से जेल जाएंगे। कोई भी घोटालेबाज बच नहीं पाएगा।”
दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने केजरीवाल को शराब घोटाले का मुख्य साजिशकर्ता बताते हुए कहा, “यह बात अप्रैल में हाईकोर्ट में भी कही जा चुकी है। जांच एजेंसियां सबूत पेश कर रही हैं, और न्यायालय को फैसला करना है। दिल्ली की जनता जानती है कि किसने घोटाला किया है और केजरीवाल अभी जेल में हैं और रहेंगे।” इसके अलावा, बीजेपी के पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी ने केजरीवाल पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा, “अरविंद केजरीवाल का दावा था कि वे इनकम टैक्स कमिश्नर रहे हैं, जबकि वे एडिशनल कमिश्नर थे। जब तक किसी केस की जांच चल रही होती है, तब तक किसी को जमानत नहीं मिलती। ईडी और सीबीआई की जांच जारी है। केजरीवाल को जमानत की मांग तब करनी चाहिए जब जांच पूरी हो जाए। मनीष सिसोदिया की जमानत पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि जमानत का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति निर्दोष है। अरविंद केजरीवाल को जमानत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को जमानत दी, इसका मतलब यह नहीं कि वे दोषमुक्त हो गए हैं। दिल्ली की जनता जानती है कि केजरीवाल सरकार ने भ्रष्टाचार किया है।” बता दें कि अरविंद केजरीवाल को कथित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। बाद में, सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 10 मई से 1 जून तक 21 दिन के लिए अंतरिम जमानत दी थी। जमानत की अवधि पूरी होते ही केजरीवाल ने 2 जून को सरेंडर कर दिया और वे फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं।
केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, जमानत याचिका पर सुनवाई टली






