लेबनान और सीरिया के कुछ क्षेत्रों में पेजर के धमाकों ने भारी तबाही मचाई। बीप की आवाज के साथ हुए इन धमाकों से हर ओर चीख-पुकार मच गई। अब तक की जानकारी के अनुसार, लेबनान में 11 लोगों की मौत हो चुकी है और घायलों की संख्या 4000 से अधिक बताई जा रही है। इन धमाकों में हिज्बुल्लाह के 500 से ज्यादा सदस्य अपनी आंखें गंवा चुके हैं।
लेबनान और सीरिया में चरमपंथी संगठन हिज्बुल्लाह के सदस्य पिछले साल 7 अक्टूबर को इजरायल पर हुए हमले के बाद से पेजर का उपयोग कर रहे थे, ताकि इजरायली सेना और खुफिया एजेंसी मोसाद की निगरानी से बच सकें। पेजर का उपयोग करके वे अपनी लोकेशन ट्रैक होने से बचना चाहते थे। इन पेजरों में ब्लास्ट से पहले कुछ सेकंड तक बीप की आवाज सुनाई दी। कई पेजर जेब में ही ब्लास्ट हो गए, जबकि कुछ ने जैसे ही बीप की आवाज सुनी, पेजर को बाहर निकाला गया और वे भी ब्लास्ट कर गए। कुछ पेजर लोगों के हाथ में ही फट गए।
इस ब्लास्ट में 11 लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक छोटी बच्ची भी शामिल है। ब्लास्ट के कारण 4000 लोग गंभीर या मामूली रूप से घायल हुए हैं। कई लोगों के हाथ और पैर क्षतिग्रस्त हो गए, और 500 से ज्यादा लोगों ने अपनी आंखें गंवाईं। कुछ लोगों के धड़ और शरीर का निचला हिस्सा भी धमाके में उड़ गया। लेबनान में ईरान के राजदूत मोजतबा अमानी की एक आंख गंवानी पड़ी, जबकि दूसरी आंख बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। मरने वालों में लेबनानी सांसदों के बच्चे और हिज्बुल्लाह के लड़ाकों के परिवार वाले भी शामिल हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने हिज्बुल्लाह के खिलाफ मोसाद के खुफिया ऑपरेशन के तहत इन पेजरों में विस्फोटक लगा दिए थे। हिज्बुल्लाह ने ताइवान की Gold Apollo कंपनी से लगभग 3000 पेजरों का ऑर्डर दिया था, लेकिन इन पेजरों में छेड़छाड़ कर दी गई थी। ये पेजर अप्रैल से मई के बीच ताइवान से लेबनान भेजे गए थे, जिससे लगता है कि इस हमले की साजिश कई महीने पहले से तैयार की गई थी।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ये पेजर ताइवान की कंपनी के AP924 मॉडल के थे। पेजरों पर एक से दो औंस का विस्फोटक लगाया गया था, जिसे पेजर की बैटरी के पास रखा गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, लेबनान में दोपहर 3:30 बजे इन पेजरों पर एक मैसेज आया, जिसने विस्फोटक को एक्टिवेट कर दिया। दावा किया जा रहा है कि विस्फोट से पहले पेजर में बीप की आवाज आई। सूत्रों के अनुसार, मोसाद ने पेजर के अंदर एक छोटा बोर्ड इंजेक्ट किया था, जिसमें विस्फोटक था। इस विस्फोटक को किसी डिवाइस या स्कैनर से पहचानना मुश्किल था।
स्काई न्यूज अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने हिज्बुल्लाह के पेजरों में PETN विस्फोटक फिट किया था। यह विस्फोटक पेजर की बैटरी के तापमान को बढ़ाकर विस्फोट करता था और इसका वजन 20 ग्राम से भी कम था।
पेजर ब्लास्ट: लेबनान और सीरिया में मची तबाही, किसी का हाथ तो किसी का पैर उड़ा, किसी की आंख तो किसी का धड़…






