ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध लगातार उग्र होता जा रहा है। इस बीच ईरान के एक सनसनीखेज बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। ईरान ने दावा किया कि यदि जरूरत पड़ी तो वह पाकिस्तान के साथ मिलकर इजरायल पर परमाणु हमला कर सकता है। हालांकि पाकिस्तान ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि ऐसा कोई समझौता ईरान के साथ नहीं हुआ है।
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस दावे को ‘झूठा’ बताते हुए सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि पाकिस्तान ने ईरान को कोई परमाणु समर्थन का आश्वासन नहीं दिया है। ईरानी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सदस्य मोहसेन रेजाई ने एक टेलीविजन कार्यक्रम में यह दावा किया था। इस बीच ईरानी विदेश मंत्रालय ने संसद में एक प्रस्ताव लाने की बात कही है, जिसके तहत वह परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से बाहर निकलने पर विचार कर रहा है। हालांकि उसने यह भी जोड़ा कि ईरान परमाणु हथियारों का समर्थक नहीं है।
युद्ध और बयानबाज़ी चरम पर
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या की धमकी देते हुए कहा कि यही युद्ध का अंत होगा। जवाब में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि जब तक हमले बंद नहीं होते, वे पलटवार करते रहेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक फोन कॉल से इस युद्ध को रोक सकते हैं।
चीन की संदिग्ध गतिविधियाँ
युद्ध के बीच चीन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। हाल के दिनों में कई चीनी कार्गो विमान ईरान में उतरे, जिनके ट्रांसपॉन्डर बंद थे। कयास लगाए जा रहे हैं कि ये विमान हथियार लेकर आए थे। चीन और ईरान के बीच 2021 में 25 साल के लिए 400 अरब डॉलर का रणनीतिक निवेश समझौता हुआ था, जिसके तहत चीन को सस्ती दरों पर तेल और गैस की आपूर्ति होती है।
हिंसा में जान-माल का नुकसान
सोमवार को ईरान के इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में 8 लोगों की मौत और 300 से अधिक घायल हो गए। इन हमलों में इजरायल में स्थित अमेरिकी दूतावास को भी नुकसान पहुंचा। इजरायल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरानी टीवी मुख्यालय और मिसाइल ले जा रहे ट्रकों को निशाना बनाया।
इजरायल की जवाबी सैन्य ताकत
इजरायली नौसेना ने पहली बार अपने बराक मैगन एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए ईरान के आठ ड्रोन मार गिराए। यह प्रणाली खासतौर पर युद्धपोतों की रक्षा के लिए तैयार की गई है। नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल ने तेहरान की रक्षा प्रणाली को नष्ट कर दिया है और अब उनके लड़ाकू विमान ईरानी आकाश क्षेत्र में हावी हैं।





