चेन्नई: मद्रास हाईकोर्ट ने प्रेम विवाह से जुड़े नाबालिग अपहरण मामले में पद का दुरुपयोग करने के आरोप में सशस्त्र बल के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) एच.एम. जयरामन को गिरफ्तार करने और विभागीय कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं। तिरुवलंकाडु पुलिस ने इस मामले में एडीजीपी जयरामन की भूमिका पर संदेह जताया था।
कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि यदि एडीजीपी और विधायक ‘पूवै’ जगनमूर्ति अदालत में पेश नहीं होते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में प्रस्तुत किया जाए। बाद में दोनों अदालत में हाजिर हुए। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी।
यह मामला 10 मई को कलंबक्कम के पास एक नाबालिग लड़के के अपहरण से जुड़ा है। दरअसल, नाबालिग का बड़ा भाई धनुष ने 21 वर्षीय विजया श्री से घरवालों की मर्जी के खिलाफ शादी की थी। इस पर नाराज़ लड़की के परिवार ने कथित रूप से विधायक की मदद से नाबालिग को अगवा कर लड़के के परिवार को धमकाने की कोशिश की। पुलिस इस मामले में पहले ही लड़की के पिता सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
कोर्ट ने 26 जून तक विधायक जगनमूर्ति की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई स्थगित करते हुए आदेश दिया कि वे पुलिस जांच में पूरा सहयोग करें।
नाबालिग अपहरण मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने दिए एडीजीपी एच.एम. जयरामन की गिरफ्तारी के निर्देश






