
- दूसरी पोस्टिंग में ही जेल पहुंचीं एसडीएम
- आईआईटी से मंडी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में किया था बीटेक
करौली जिले के नादौती उपखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने उपखंड अधिकारी (एसडीएम) काजल मीणा को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस मामले में उनके रीडर दिनेश सैनी और यूडीसी प्रवीण धाकड़ को भी हिरासत में लिया गया है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से करीब 4 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी भी बरामद होने की सूचना है। इस घटना के बाद जिले के प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है, वहीं काजल मीणा की शैक्षणिक पृष्ठभूमि और करियर भी चर्चा का विषय बन गया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, सवाई माधोपुर एसीबी चौकी को एक परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसकी भूमि की फाइनल डिक्री (तकसीम) जारी करने के एवज में रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत में बताया गया कि पहले एक लाख रुपये की मांग की गई, जिसे बाद में 50 हजार रुपये पर तय किया गया। सत्यापन के दौरान यह सामने आया कि रीडर ने 50 हजार रुपये एसडीएम के लिए और 10 हजार रुपये अपने लिए मांगे थे। शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। परिवादी को नादौती स्थित उपखंड कार्यालय बुलाया गया। जैसे ही 60 हजार रुपये की राशि आरोपियों को सौंपी गई, पहले से तैनात एसीबी टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए तीनों को पकड़ लिया। जांच में सामने आया कि रीडर दिनेश सैनी ने राशि लेकर उसे वरिष्ठ सहायक प्रवीण धाकड़ को सौंप दिया था। एसीबी के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान प्रवीण धाकड़ के बैग से रिश्वत की 60 हजार रुपये की राशि के अलावा करीब 4 लाख रुपये की अतिरिक्त संदिग्ध नकदी भी मिली है। एजेंसी अब इस रकम के स्रोत और उसके उपयोग की गहन जांच कर रही है। पूरी कार्रवाई एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में संपन्न हुई। एसीबी ने काजल मीणा, दिनेश सैनी और प्रवीण धाकड़ के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
दूसरी पोस्टिंग में ही विवाद
बताया जा रहा है कि नादौती में काजल मीणा की यह बतौर एसडीएम दूसरी पोस्टिंग थी। उन्होंने प्रतापगढ़ जिले के सुहागपुरा से स्थानांतरण के बाद 30 अक्टूबर 2025 को यहां कार्यभार संभाला था। वे सवाई माधोपुर जिले के वजीरपुर उपखंड के बडौली गांव की निवासी हैं और गृह क्षेत्र के समीप पदस्थापना के कारण भी चर्चा में रही हैं। काजल मीणा का शैक्षणिक रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है। उन्होंने आईआईटी मंडी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है और वर्ष 2024 बैच की आरएएस अधिकारी हैं। इससे पहले वे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में अधिकारी और दिल्ली में दूरसंचार विभाग में सहायक अनुभाग अधिकारी (एएसओ) के पद पर कार्य कर चुकी हैं। वर्ष 2017 में उनका चयन जेईएन पद पर भी हुआ था। आरएएस परीक्षा में उन्होंने एसटी वर्ग में प्रथम और सामान्य श्रेणी में 135वीं रैंक हासिल की थी।






